बरेली: जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र के अभिलखों में लगी दीमक, 23 साल का रिकॉर्ड होगा ऑनलाइन
मौजूदा समय में ऑनलाइन प्रमाण पत्र मिल रहा, नगर निगम बोर्ड की बैठक में प्रस्ताव हुआ पास
बरेली, अमृत विचार। नगर निगम में जन्म-मृत्यु के रिकार्ड के रजिस्टर खराब हो गए हैं। कुछ के पन्ने तो ऐसे हो गये हैं कि उन्हें खोलने में ही कोना फट जा रहा है। पुराने रिकार्ड में दीमक लग गई है। कर्मचारियों को अब रजिस्टर के रखरखाव से मुक्ति मिल सकती है। निगम में 23 साल के जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्रों को ऑनलाइन किया जाएगा। नगर निगम बोर्ड बैठक में इसका प्रस्ताव पास हो गया है।
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नगर निगम में वर्ष 1980 से 2003 तक का लोगों के जन्म और मृत्यु का प्रमाण रजिस्टर में दर्ज है। 2003 के बाद से यह सुविधा ऑनलाइन चल रही है। इस व्यवस्था में बच्चों के जन्म का प्रमाण पत्र अस्पताल के जरिए ही निगम में आता है और यहां उसका पंजीकरण होता है। इसी तरह मृत्यु के प्रमाण पत्र के लिए एक आवेदन और फार्म भरना होता है।
निगम में 23 साल के रिकार्ड रजिस्टर मौजूद हैं। इसके पहले का रिकार्ड दीमक की चपेट में आ चुका है। इसलिए माना जा रहा है कि जो रिकार्ड बचा है वह 1980 से ही है। इनमें यदि किसी को जन्म प्रमाण पत्र लेना होता है तो वह संबंधित वर्ष का रजिस्टर तलाश कर उसमें उसका नाम देखा जाता है। यदि अभिलेख में नाम है तो प्रमाण पत्र बनने में दिक्कत नहीं है।
पार्षद सतीश कातिब ने बोर्ड बैठक में कहा था कि जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र की व्यवस्था ऑनलाइन चल रही है लेकिन पुराने रिकार्ड का रखरखाव नहीं है। पुराने रिकार्ड को भी ऑनलाइन कर दिया जाए। मेयर डाॅ. उमेश गौतम ने इस प्रस्ताव को बेहतर बताते हुए इस पर काम करने की बात कही थी। बोर्ड ने इस प्रस्ताव को पास कर दिया था। इसी के बाद से अब माना जा रहा है कि जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र के पुराने रिकार्ड भी ऑनलाइन कर दिये जाएंगे।
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