बरेली: स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट से पीआर एजेंसी का अनुबंध समाप्त
बरेली, अमृत विचार। स्मार्ट सिटी के प्रोजेक्टों को बेहतर करने और जन सामान्य की भागीदारी दिखाने के लिए पब्लिक रिलेशन एजेंसी की मदद ली गई थी। बेंगलूरु की एसएस पीआर एजेंसी को इस उदे्श्य से जोड़ा गया था कि वो कंसलटेंट एजेंसी के साथ मिलकर स्मार्ट सिटी की कार्ययोजना तैयार करने में सहयोग करेगी। इसके …
बरेली, अमृत विचार। स्मार्ट सिटी के प्रोजेक्टों को बेहतर करने और जन सामान्य की भागीदारी दिखाने के लिए पब्लिक रिलेशन एजेंसी की मदद ली गई थी। बेंगलूरु की एसएस पीआर एजेंसी को इस उदे्श्य से जोड़ा गया था कि वो कंसलटेंट एजेंसी के साथ मिलकर स्मार्ट सिटी की कार्ययोजना तैयार करने में सहयोग करेगी। इसके लिए तीन करोड़ का बजट तय किया गया था। एजेंसी कोई काम नहीं कर सकी जिस कारण उसका टेंडर निरस्त कर दिया गया।
स्मार्ट सिटी की छवि बनाने के लिए बेंगलूरू की एसएस पीआर एजेंसी को तीन साल के लिए अगस्त 2019 में टेंडर दिया गया था। एजेंसी को एक-एक करोड़ रुपये प्रतिवर्ष दिए जाने थे। साथ ही एजेंसी के लिए ऑफिस, ईवेंट, पंपलेट, होर्डिंग आदि के लिए अलग से बजट का प्रावधान किया गया था। पीआर एजेंसी पर स्मार्ट सिटी की मार्केटिंग करने की जिम्मेदारी थी।
एजेंसी पिछले एक साल में कोई कार्य नहीं दिखा सकी। शहर के पिछड़े इलाके और बड़ी समस्याओं को नजरअंदाज करने और जनता के बीच स्मार्ट सिटी की मार्केटिंग न होने पर यह प्रोजेक्ट आलोचनाओं में घिर गया। इसके साथ प्रोजेक्ट को लेकर जनप्रतिनिधियों में अच्छा संदेश न जाने से छवि खराब होती गई। इसके कारण जिम्मेदारी अफसरों ने एजेंसी के 13 सितंबर 2020 को अनुबंध को निरस्त कर दिया। स्मार्ट सिटी में करीब दो हजार करोड़ की भारी भरकम राशि से विकास कार्य किए जाने हैं।
“पीआर एजेंसी से जो शर्त रखी थी उसमें वो खरी नहीं उतरी। इसलिए उसका अनुबंध निरस्त कर दिया गया है। अब नए सिरे से पीआर का कार्य कराने की योजना तैयार की जा रही है।” -संजय सिंह चौहान, महाप्रबंधक, स्मार्ट सिटी लिमिटेड
