बहराइच: बारिश ने किसानों के अरमानों पर फेरा पानी, भीग गई फसल

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Edited By Amrit Vichar
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किसानों ने खेत में काटकर लगा दी थी धान की फसल, कहीं तैयार फसल भी भीगी

बहराइच, अमृत विचार। जिले में सोमवार शाम को अचानक मौसम बदल गया था। जंगल से सटे इलाकों से शुरू हुई आंधी शाम छह बजे जिला मुख्यालय पहुंच गई। जंगल से सटाई इलाकों में एक घंटे तक जोरदार बारिश हुई। बारिश के चलते धान की फसल को काफी नुकसान हुआ है। खेत में लगी और काटकर रखी गई फसल भीग गई है।

जिले में सोमवार को धूल भरी आंधी के साथ बारिश शुरू हो गई थी।  बारिश का सिलसिला जिले में कहीं एक घंटे तो कहीं दो घंटे चला। तेज आंधी और पानी में किसानों के अरमानों पर पानी फिर गया। किसानों के खेत में तैयार लगी फसल पूरी तरह से भीग गई है। बारिश के चलते गन्ने और धान की फसल को नुकसान हो गया। फसल जमीन पर गिर गई। किसानों को काफी नुकसान हुआ।

भारी बरसात से हुए नुकसान को देखते हुए भारतीय किसान यूनियन टिकैट के उत्तराखंड उत्तर प्रदेश के महासचिव मलकीत सिंह चीमा ने फसलों के नुकसान के मुआवजे की मांग की है। धूल भरी आंधी जिला मुख्यालय भी शुरू हो गई। इसके बाद रिमझिम बारिश शुरू हो गई। आंधी और पानी एक साथ होने के चलते खेत में लगी धान की फसल को नुकसान हो गया। गन्ने की फसल भी खेत में गिर गई।

जिले के कैसरगंज, मोतीपुर, नवाबगंज क्षेत्र में धान की फसल को काफी नुकसान हुआ। खेत में गिरी और भीगी फसल को देखकर किसानों के चेहरे पर बल आ गया। खेत में तैयार खड़ी धान की फसल भीगने और गिरने से किसानों को काफी नुकसान हुआ। किसानों के मुताबिक बारिश के चलते धान की फसल बेकार हो जाएगी, इससे उनका लागत निकालना भी मुश्किल हो जाएगा। जंगल से सटे गांव के कई गांव के किसान इससे प्रभावित हुए हैं।

जिला कृषि अधिकारी सतीश कुमार पांडेय ने बताया कि जिले में तेज आंधी के साथ बारिश भी हुई है जिससे फसलों के भीगने और गिरने की जानकारी मिली है। क्षति रिपोर्ट के आधार पर बीमित फसलों का मुआवजा किसानों को खाते में भेजा जाएगा।

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