भाजपा ने चलाया अनुशासन का चाबुक!, मंडल अध्यक्ष समेत तीन लोगों को किया बर्खास्त, इस कारण हुई बडी कार्रवाई...

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Edited By Amrit Vichar
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जालौन। बात मंगलवार शाम की है, जब कालपी में नारी शक्ति वंदन कार्यक्रम के बाद सड़क पर ही भाजपा महिला मोर्चा कुठौंद की मंडल अध्यक्ष पूजा शुक्ला व पार्टी कार्यकर्ता निधि दुवे के बीच किसी बात को लेकर सड़क पर ही लड़ाई झगड़ा शुरू हो गया था। इसमें एक दूसरे की चोटी पकड़ कर खींचना और समर्थकों की ओर से की गई मारपीट का  एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इससे पार्टी की छवि खराब हुई तो जिलाध्यक्ष उर्विजा दीक्षित ने दोनों महिलाओं के साथ इस घटना में कुठौंद मंडल अध्यक्ष अमित नीखरा को भी पार्टी से बर्खास्त कर दिया।

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जानकारी के अनुसार कालपी में सड़क पर हुए महिलाओं के विवाद में वायरल हुए वीडियो में एक महिला दूसरी महिला की चोटी पकड़ कर खींच रही थी, तो वहीं उसके साथ वाली महिलाओं ने उसे पीछे से खींचने का प्रयास किया। इसी दौरान घूंसा, चाटा और चप्पल बरसने लगे। इस घटना के बाद समाजवादी पार्टी के पेज से ट्विट किया गया। जिले में भी यह घटना चर्चा की विषय रही और कहा गया कि अनुशासन का पाठ पढ़ाने वाली भाजपा में यह कृत्य भी संभव है।

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इन तमाम चर्चाओं के बीच जिलाध्यक्ष उर्विजा दीक्षित ने पूरे प्रकरण की जांच के लिए पूर्व जिलाध्यक्ष उदयन पालीवाल के नेतृत्व में जिला महामंत्री विवेक कुशवाहा, मंडल प्रभारी तरुण तिवारी एवं महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष ऊषा गुप्ता की एक टीम बना दी। टीम ने तमाम बिन्दुओं पर जांच पड़ताल करते हुए अपनी राय दी कि इस पूरे प्रकरण में जितना दोष दोनों ही महिलाओं का है उतना ही दोष भाजपा मंडल अध्यक्ष अमित नीखरा का भी है।

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पूर्व की शिकायतों के आधार पर और तात्कालिक घटना को लेकर जिलाध्यक्ष उर्विजा दीक्षित ने जांच समिति के सुझाव के बाद क्षेत्र एवं प्रदेशीय नेतृत्व के निर्देशानुसार सभी की सहमित से भाजपा मंडल अध्यक्ष अमित नीखरा, महिला मोर्चा की मंडल अध्यक्ष पूजा शुक्ला व कार्यकर्ता निधि दुवे को पार्टी से बर्खास्त कर दिया। यह खबर जैसे ही पार्टी कार्यालय से बाहर आई तो राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गई।

लंबे अर्से बाद हुई अनुशासनात्मक कार्रवाई

उरई। भाजपा में अनुशासन हीनता की कार्रवाई लंबे अर्से बाद हुई है। ऐसा नहीं कार्यकर्ताओं ने अनुशासन न तोड़ा हो, लेकिन कार्रवाई कोई नहीं कर सका। बात वर्ष 2002  के विधानसभा चुनाव की है जब वहां के प्रत्याशी रहे पूर्व विधायक संतराम सिंह सेंगर ने पार्टी नेतृत्व से हरीओम उपाध्याय और योगेश द्विवेदी की शिकायत की थी। आरोप था कि चुनाव में भितरघात किया है। पार्टी ने उस समय वर्ष 2005 के आसपास दोनों ही नेताओं को छह साल के लिए बर्खास्त किया था। इसके बाद चुनाव में भितरघात भी हुआ और अंदर खाने अनुशासन हीनता लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।

अमित बादल को हटाया गया था

निवर्तमान जिलाध्यक्ष रामेंद्र सिंह सेंगर बनाजी ने बंगरा मंडल अध्यक्ष  अमित बादल को एक वायरल ऑडियो जिसमें मौरंग को लेकर कोई बात थी जो वायरल हुई थी। एक अधिकारी से पंगा भी चला जिसके आधार पर उन्हें पद से हटा दिया गया था।

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