बरेली: चार सौ बीघा जमीन पर कब्जा कराने में चकबंदी एसीओ और लेखपाल पर FIR

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Edited By Amrit Vichar
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लंबे समय से टाल मटोल कर रहे मामले में डीएम ने एडीएम सिटी को कड़ी कार्रवाई के दिए थे आदेश

बरेली, अमृत विचार। मीरगंज तहसील के मोहम्मदगंज में पट्टे और ग्राम समाज की चार सौ बीघा जमीन पर अवैध तरीके से कब्जा कराने के मामले में दोषी एसीओ चकबंदी और लेखपाल के खिलाफ आखिरकार एफआईआर दर्ज हो गई है। काफी समय से टाल मटोल पर डीएम रविंद्र कुमार ने से गंभीरता से लिया।

कई साल पहले मोहम्मदगंज में एसीओ चकबंदी सुनील कुमार और चकबंदी लेखपाल रामवीर सिंह ने नियमों के विपरीत जाकर असंक्रमणीय जमीन काे संक्रमणीय में परिवर्तित कर 50 से अधिक किसानों के नाम करते हुए अवैध तरीके से कब्जा करा दिया था।

जांच में पता चला था कि करीब 400 बीघा जमीन पर कब्जा कराया गया है। मामले में गांव के रविंद्र सिंह ने सीएम कार्यालय में शिकायत की थी। शिकायत के बाद हुई जांच में आरोप सही पाए गए थे, लेकिन शुरुआती दौर में मामले को दबाया गया। इसके बाद रविंद्र सिंह ने आईजीआरएस से लेकर तमाम स्तर पर शिकायत की।

सीएम कार्यालय से मामले का संज्ञान लिए जाने के बाद तत्कालीन एडीएम सिटी की अध्यक्षता में एसडीएम मीरगंज, सीओ चकबंदी द्वितीय अनुराग दीक्षित ने दोबारा जांच की थी। जांच में दोनों दोषी पाए गए थे। रिपोर्ट चकबंदी आयुक्त और बंदोबस्त अधिकारी को भेजी गई थी।

एसीओ पर लखनऊ और लेखपाल पर बंदोबस्त अधिकारी के स्तर से कार्रवाई होनी थी। वहीं, काफी समय से चकबंदी विभाग के अधिकारी जांच चलने का हवाला देकर मामले को लंबा खींच रहे थे। डीएम रविंद्र कुमार ने इस मामले को गंभीरता से लिया।

उन्होंने कमेटी की जांच रिपाेर्ट के आधार पर दोषी मिले एसीओ चकबंदी सुनील कुमार, चकबंदी लेखपाल रामवीर सिंह के खिलाफ एफआईआर के आदेश दिए। एडीएम सिटी सौरभ दुबे ने बताया कि बंदोबस्त अधिकारी की तहरीर पर मीरगंज थाने में एसीओ और लेखपाल के खिलाफ सरकारी दस्तावेजों में हेराफेरी, धाेखाधड़ी, साजिश आदि की धाराओं में केस दर्ज हुआ है। आगे की कार्रवाई जारी है।

डीएम रविंद्र कुमार से प्रधान ने भी की थी शिकायत
एडीएम सिटी सौरभ दुबे के अनुसार 12 अक्टूबर को जनता दर्शन में मीरगंज तहसील के मोहम्मदगंज ऐतमाली के प्रधान प्रेमपाल डीएम रविंद्र कुमार के सामने पेश हुए थे। उन्होंने मामले में आरोप लगाते हुए बताया था कि एसीओ, लेखपाल ने 2018 से कई साल में चार सौ बीघा से अधिक ग्राम समाज की जमीन में फर्जीवाड़ा कर गांव और बाहर के लोगों से साठगांठ करके खतौनी की खाता संख्या 1, 41, 393, 490, 590, 510, 522 आदि पर खातेदारों के नाम पर फर्जी तरीके से कई-कई बार जमीन चढ़ाकर फर्जी पत्रावलियां तैयार की थीं।

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