सुलतानपुर: पंडालों में स्थापित मां दुर्गा के खुले कपाट, विजयादशमी से दिखेगी महोत्सव की असली रंगत
सुलतानपुर। जिले की ऐतिहासिक दुर्गा पूजा महोत्सव की तैयारियां अंतिम चरण में है। पूजा पंडालों में स्थापित माता रानी के कपाट दर्शनार्थियों के लिए खोल दिए गए हैं। पर, महोत्सव की असली रंगत विजयादशमी से दिखेगी। पूर्णिमा तक शहर समेत ग्रामीणांचल में महोत्सव की धूम रहेगी।
नवरात्र में रविवार को अष्टमी तिथि के साथ पूजा पंडालों के कपाट आम जन के लिए खोल दिए गए। माता रानी के विविध रूपों की मूर्तियां महोत्सव में लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र होंगी। शहर में गुब्बारा, खिलौना आदि बेंचने वालों की दुकानें सजने लगी है। असली मेला महोत्सव में दशहरा के दिन से मेला शुरू होगा।
इसके बाद अगले पांच दिनों तक पूर्णिमा तक महोत्सव की धूम रहेगी। पूजा समितियों के लिए पंडालों के निर्माण कार्य के बाद उसकी सजावट को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। रविवार को शाम होते ही एक पंडाल से दूसरे पंडाल तक की गई लाइटिंग छटा विखेरनी लगी। शहर में तीन से चार सौ और पूरे जिले में करीब तीन से चार हजार देवी प्रतिमाएं स्थापित की जा रही है। जिले के हर गांव में कम से कम दो मूर्तियां स्थापित कर लोग विधिवत पूजा अर्चना कर रहे हैं। रविवार की शाम पूजा पंडालों में आयोजित आरती में भारी भीड़ उमड़ी।
बाटा गली में कीजिए तिरुपति बालाजी के दर्शन
नगर के बाटा गली स्थित पार्वती माता पूजा समिति इस बार अपना 48वां स्थापना दिवस मना रहा है। आदिशक्ति दुर्गा माता की स्वरूप पार्वती माता पूजा समिति की ओर से भव्य पंडाल को अंतिम रूप दिया जा चुका है। समिति के अध्यक्ष सत्यम कसौंधन ने बताया कि स्थानीय माता के भक्तों के द्वारा हर बार की तरह इस बार भी वृहद पंडाल को भव्य स्वरूप दिया गया है।
पिछले साल महाकालेश्वर बाबा का दर्शन भक्तों को मिला था। इस बार आंध्र प्रदेश के विश्व विख्यात तिरुपति बालाजी का भव्य पंडाल बन गया है। यहां व्यवस्था में दया शंकर शेरू, सत्य नारायण कुन्नू कसौंधन, भोला नाथ सोनी, पंडाल व्यवस्थापक अवधेश कसौधन, कन्हैया लाल कसौधन, विद्युत व्यवस्थापक गणेश पंडित आदि लगे रहे।
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