लखनऊ: केजीएमयू में नहीं सुधर पा रही व्यवस्था, सस्ती दवा के लिए चक्कर काटने को मजबूर मरीज और परिजन

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Edited By Amrit Vichar
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लखनऊ, अमृत विचार। ढेरों कवायदों के बाद भी व्यवस्था सुधरने का नाम नहीं ले रही है। किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) में हॉस्पिटल रिवॉल्विंग फंड (एचआरएफ) के काउंटर पर आज भी पूरी दवा नहीं मिल पा रही है। मरीजों और उनके परिजनों को दवाओं के लिए काउंटर दर काउंटर भटकना पड़ रहा है, उसके बाद भी उनकों दवायें नहीं मिल पा रही हैं। ताजा मामला केजीएमयू के ट्रामा सेंटर का है। यहां पर दुर्घटना में घायल एक 24 वर्षीय युवक की बुजुर्ग मां को दवाओं के लिट ट्रामा सेंटर से लेकर गांधी वार्ड तक घुमना पड़ा। उसके बाद भी उसे दवा नहीं मिल पाई।

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केजीएमयू स्थित ट्रामा सेंटर के न्यूरो सर्जरी वार्ड में भर्ती युवक को दवाओं की जरूरत थी। घायल युवक की मां शांति ने बताया कि वह ट्रामा सेंटर में स्थित पांचवे तल पर स्थित दुकान से दवा लेने के लिए गईं थीं, लेकिन वहां पर दवा नहीं मिली। दवा काउंटर पर बैठे व्यक्ति ने उन्हें गांधी वार्ड जाने की सलाह दी।

शांति के मुताबिक वह दवा लेने गांधी वार्ड बहुत ही मुश्किल से पहुंच पाईं, लेकिन वहां पर भी दवा नहीं मिली। बाद में उन्हें दवा बाहर से खरीदनी पड़ी। शांति तो बानगी मात्र हैं। सस्ती दवा के चक्कर में अक्सर लोग दवाओं को खरीदने के लिए एचआरएफ काउंटर के चक्कर काटते रहते हैं।

बता दें कि केजीएमयू प्रशासन एचआरएफ काउंटर पर लगातार दवाओं की उपलब्धता बढ़ाने के लिए प्रयासरत है। उसके बाद भी मरीजों को जरूरत की पूरी दवायें एचआरएफ काउंटर पर नहीं मिल पाती हैं।

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