हल्द्वानी: जल प्रलय के बाद केदारनाथ में श्रद्धालुओं की संख्या चार गुना बढ़ी

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Edited By Amrit Vichar
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हल्द्वानी, अमृत विचार। केदारनाथ मंदिर में साल 2014 में आई आपदा में जान और माल का भारी नुकसान हुआ था। पूरी दुनिया में केदारनाथ में आई जल प्रलय चर्चा का विषय बन गई थी। आपदा के बाद मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में भी भारी बढ़ोत्तरी हुई। अब पहले के मुकाबले करीब चार गुना ज्यादा भक्त मंदिर में दर्शन करने के लिए हर साल पहुंच रहे हैं।

 तिकोनिया निवासी हेमंत गौनिया को आरटीआई में मिली जानकारी के अनुसार केदारनाथ धाम में साल 2014 में आई आपदा के दौरान 40832 यात्री पहुंचे थे। ये पिछले सालों में आए यात्रियों की सबसे कम संख्या थी। इससे पहले साल 2011 में 5.71 लाख, साल 2012 में 5.83 लाख और साल 2013 में 3.12 लाख यात्री केदारनाथ पहुंचे इन तीन सालों में यहां औसतन हर साल 4.5 लाख यात्री मंदिर में दर्शन करने के लिए पहुंच रहे थे।

आपदा के तुंरत बाद साल 2015 में मंदिर में 1.54 लाख यात्री पहुंचे लेकिन इसके बाद भक्तों की संख्या बढ़ती गई और कोरोनाकाल शुरू होने से पहले साल 2009 में केदारनाथ में 9.96 लाख यात्री दर्शन के लिए पहुंचे। साल 2020 और साल 2021 में कोरोना की मार रहने की वजह से दोनों साल क्रमश: 1.34 लाख और 2.47 लाख यात्री आए।

हालांकि कोरोना काल खत्म होते ही साल 2022 में मंदिर में 15.65 लाख यात्री आए। आपदा के पहले की अपेक्षा मंदिर में आने वाले यात्रियों की संख्या में चार गुना बढ़ोत्तरी हो गई है। साल 2023 में पांच अगस्त तक 11.79 लाख यात्री मंदिर में पहुंच चुके थे। अनुमान है कि इस साल मंदिर के कपाट बंद होने से पहले यात्रियों की संख्या के मामले में पिछले सभी रिकॉर्ड टूट सकते है। 


बदरीनाथ को 21 किलो तो केदारनाथ को 33 किलो सोने की भेंट
हल्द्वानी:बदरीनाथ और केदारनाथ में दर्शन करने वाले तीर्थ यात्रियों की संख्या बढ़ रही है तो वहीं साथ ही उनकी ओर से दिए जाने वाले दान में इजाफा हुआ है। दोनों ही धामों में 23 सालों में 54 किलो सोना की भेंट चढ़ चुकी है। राज्य गठन के बाद बदरीनाथ धाम में अभी तक करीब 21 किलो सोना दान में दिया जा चुका है। इसके अलावा 8.9 किलो जेवरात भी मंदिर में दान में दिए गए हैं। केदारनाथ धाम 33 किलो सोना दान में दिया गया है। 

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