ASSOPICON-2023 में बोले प्रो. अजय- फेफड़ों की सेहत बताता है पल्मोनरी फंक्शन टेस्ट
लखनऊ, अमृत विचार। किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय स्थित रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग की तरफ से असोपिकोन- 2023 कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। जिसमें पल्मोनरी फंक्शन टेस्ट पर चर्चा हुई।
इस कार्यशाला में देशभर के विभिन्न मेडिकल कॉलेज के 50 से भी अधिक रेजिडेंट डॉक्टरों ने हिस्सा लिया। जिसमें विभिन्न प्रकार के पल्मनोमरी फंक्शन टेस्ट फेफड़ों की कार्यक्षमता की जांच से संबंधित व्याख्यान एवं मरीजों पर परीक्षण किया गया। इस अवसर पर प्रोफेसर अजय कुमार वर्मा ने बताया कि पल्मोनरी फंक्शन टेस्ट (पीएफटी) क्रोनिक रेस्पिरेटरी डिजीज में अत्यंत उपयोगी है। इस जांच से ही क्रोनिक रेस्पिरेटरी डिजीज से पीड़ित मरीजों की पहचान आसानी से हो पाती है। इस जांच के बिना लगभग 65% मरीजों की पहचान नहीं हो पाती। इसके अतिरिक्त जो व्यक्ति तंबाकू का सेवन करते हैं उनमें भी यह परीक्षण अत्यंत उपयोगी सिद्ध होते हैं।
इस कार्यशाला का आयोजन विभाग के विभागाध्यक्ष प्रोफेसर डॉक्टर सूर्य कांत के निर्देशन में विभाग के संकाय सदस्यों प्रोफेसर संतोष कुमार, प्रोफेसर अजय कुमार वर्मा, डॉक्टर दर्शन कुमार बजाज एवं डॉक्टर ज्योति बाजपाई ने संपन्न कराया।
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