भदोही: दलित युवक की हत्या के मामले में 72 वर्षीय बुजुर्ग को उम्रकैद की सजा

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भदोही। भदोही की जिला अदालत ने एक दलित युवक की लोहे के धारदार हथियार से हत्या करने के मामले में 72 साल के बुजुर्ग व्यक्ति को शुक्रवार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही अदालत ने दोषी पर 52 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। विशेष लोक अभियोजक (अनुसूचित जाति-जनजाति) अनिल कुमार शुक्ला ने बताया कि 18 जुलाई 2022 का यह मामला जिले के औराई थाना के कैयरमऊ गांव का है। 

उन्होंने कहा कि कैयरमऊ गांव में आकाश मिश्रा का मकान बन रहा था जहां कई श्रमिक और बढ़ई काम कर रहे थे। उसी जगह मिर्जापुर जिले के देवी चरण विश्वकर्मा (72 वर्ष) और चील्ह थाना के दलित श्रमिक अजीत कुमार (32 वर्ष) भी काम कर रहे थे। शुक्ला ने बताया कि मकान मालिक आकाश मिश्रा ने अजीत से सभी श्रमिकों के लिए चाय मंगवाई और इसके बाद अजित सबको चाय दे रहे थे। 

उन्होंने कहा कि देवी चरण ने जातिसूचक शब्दों के साथ गाली देते हुए अजीत के हाथों से चाय लेने से इनकार कर दिया। शुक्ला ने बताया कि जब अजीत ने उसे गाली नहीं देने को कहा तभी देवी चरण ने लकड़ी काटने वाली बसूली से उसके शरीर और गर्दन पर वार कर दिया जिससे अजीत की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने इस मामले में मृतक अजीत के पिता बाबू राम की तहरीर पर देवी चरण विश्वकर्मा के खिलाफ मामला दर्ज कराया। 

विशेष लोक अभियोजक शुक्ला ने बताया अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश असद अहमद हाशमी की अदालत ने दोनों पक्षों की तरफ से पेश सबूत और गवाहों को सुना और देवी चरण विश्वकर्मा को हत्या का दोषी करार देते हुए उसे उम्रकैद की सजा सुनाई। इसके साथ ही अदालत ने दोषी पर 52 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। 

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