बरेली: नौकरी का झांसा देकर तीन लोगों से ठगे 71.50 लाख
ठगों ने सैन्यकर्मी से भी की ठगी, साइबर क्राइम थाना पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच में जुटी
बरेली, अमृत विचार। साइबर ठगी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। साइबर ठगों ने वॉट्सएप और टेलीग्राम पर पार्ट टाइम जॉब का झांसा देकर सैन्यकर्मी समेत तीन लोगों से साढ़े 71 लाख रुपये की ठगी कर ली। तीनों मामलों में साइबर क्राइम थाना पुलिस रिपोर्ट दर्ज कर जांच कर रही है।
मध्य प्रदेश के राजगढ़ निवासी दीपक कुमार के मुताबिक वह सेना में हैं। उनकी टेलीग्राम पर आईडी है। 23 सितंबर को फ्लाइट नेटवर्क की तरफ से पार्ट टाइम जॉब के लिए एक मेसेज आया। सोनिया सुरेश नाम की आईडी से उनकी बात शुरू हुई। फ्लाइट बुकिंग टास्क देकर शुरुआत में ठगों ने 1100 रुपये उनके खाते में भेजे। इसके बाद फर्जी कंपनी बनाकर ठगों ने धोखाधड़ी कर 28 लाख 56 हजार 793 रुपये की ठगी कर ली। ठगी का एहसास होने पर उन्होंने साइबर क्राइम पुलिस में शिकायत कर रिपोर्ट दर्ज कराई है।
एनी डेस्क एप डाउनलोड कर 29 लाख की ठगी
बारादरी क्षेत्र के जोगीनवादा निवासी नत्थूलाल मौर्या के मुताबिक उन्होंने कुछ दिनों पहले खेत बेच कर रुपये पंजाब नेशनल बैंक के बचत खाते में जमा किए थे। आरोप है कि किसी व्यक्ति ने उनके मोबाइल पर फोन किया और अधिक रुपये कमाने का झांसा देकर उनसे मोबाइल फोन पर एनी डेस्क एप डाउनलोड कराया। जिसके बाद बारी-बारी से पांच बार में 29 लाख नौ हजार रुपये खाते से निकाल लिए। जब तक वह कुछ समझ पाते कि ठगों ने बैंक खाता खाली कर दिया। मामले में साइबर क्राइम पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
पहले भेजे 150 रुपये, फिर उड़ा दिए 13 लाख
बारादरी क्षेत्र के ग्रेटर ग्रीन पार्क निवासी रुपांश माथुर ने बताया कि 9 अक्टूबर को उनके वाॅट्सएप पर पार्ट टाइम जॉब का झांसा दिया गया। यूट्यूब पर तीन वीडियो देखने के बदले में 150 रुपये का कमीशन दिया गया। किमया और काव्या गौतमी सिंह ने उनका वर्किंग कोड, नाम, पता, मोबाइल नंबर और बैंक डिटेल मांगी। इस कार्य में सुनील कुमार नाम का व्यक्ति भी शामिल था। सभी ने मिलकर उनके साथ 13 लाख 82 हजार 900 रुपये की ठगी कर ली। साइबर क्राइम पुलिस ने मामले में रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
इन बातों का रखें ध्यान
गूगल पर कस्टमर केयर नंबर सर्च करते समय सावधानी बरतें, क्योंकि यहां पर ठगों ने अपने नंबर डाल रखे हैं। कंपनियों और सरकारी विभाग के कस्टमर केयर नंबर आधिकारिक वेबसाइट से ही प्राप्त करें।
अगर अज्ञात नंबर से वीडियो कॉल आए तो फोन उठाकर सीधे कैमरे के सामने न आएं। ठग अक्सर अश्लील फोटो बनाकर ब्लैकमेल करते हैं।
कोई बैंक कभी फोन पर बैंक डिटेल नहीं मांगता। ऐसे में इस तरह के फोन आएं तो सावधान हो जाएं।
किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और फ्री गिफ्ट देने का वादा करने वाली कॉल पर सतर्क रहें।
अपने पासवर्ड को नियमित रूप से बदलते रहें और ठगी होने पर तत्काल हेल्पलाइन नंबर 1930 पर सूचना दें, ताकि धनराशि खाते में होल्ड कराई जा सके।
सोशल मीडिया पर अपरिचित लोगो के मित्रता अनुरोध को स्वीकार न करें और एटीएम बूथ पर किसी अनजान व्यक्ति की सहायता न लें।
आरबीआई सुपर एप, एनी डेस्क, क्विक सपोर्ट और टीम व्यूअर जैसे एप डाउनलोड न करें। एआई वाइस कॉलिंग एप के जरिए भी जालसाज लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। ऑनलाइन रिश्ते, ऑनलाइन बिल जमा करने, ऑनलाइन गेम, फार्म भरने के नाम पर ठगी हो रही है-अनुज अग्रवाल, साइबर एक्सपर्ट।
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