बरेली: आरोप पत्रों को तीन वर्ष बाद कोर्ट भेजने पर सीओ और थानाध्यक्ष तलब
लघुवाद न्यायाधीश ने भेजा नोटिस
बरेली, अमृत विचार। लगभग 25 चार्जशीट को तीन वर्ष बाद कोर्ट में भेजने पर लघुवाद न्यायाधीश रवि कुमार दिवाकर ने सीओ द्वितीय राजकुमार मिश्र और थानाध्यक्ष सुभाषनगर मदन मोहन चतुर्वेदी को नोटिस भेजकर मनमाने और अवैधानिक कार्य के लिए 31 अक्टूबर को लिखित स्पष्टीकरण के साथ तलब किया है।
कोर्ट ने सीओ से पूछा है कि कारण स्पष्ट करें कि किस अधिकार से अपने पास आरोप पत्र को एक सप्ताह से ज्यादा रखा, लगभग तीन वर्ष विलंब के बाद क्यों दाखिल किया गया, क्यों न मनमाने पूर्ण कृत्य से शासन को कार्यवाही के लिए अवगत कराया जाए।
वहीं, थानाध्यक्ष से पूछा है कि किस अधिकार से पैरोकार द्वारा आरोप पत्रों को कोर्ट भेजा, जबकि आरोप पत्र कोर्ट में भेजने का कार्य सीओ के पेशी कार्यालय का होता है, न कि संबंधित थाने का। कोर्ट ने नोटिस में उल्लेखित किया कि पुलिस रेगुलेशन के अनुसार संबंधित सीओ चार्जशीट को एक सप्ताह से ज्यादा अपने कार्यालय में नहीं रख सकते हैं। उन्हें आरोप पत्र समय से कोर्ट में दाखिल करना होगा।
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