बरेली: सीडीओ ने शासन को भेजी कोरोना किट की रिपोर्ट… हमारे यहां घोटाला नहीं
बरेली,अमृत विचार। शासन के निर्देश पर एसआईटी प्रदेश भर में कोरोना किट घोटाले की जांच कर रही है। बरेली में भी कोरोना किट खरीद में घोटाले की आशंका जताई जा रही थी। इसको लेकर जिले से शासन ने रिपोर्ट मांगी थी। पिछले दिनों स्थानीय अफसरों की जांच रिपोर्ट में किसी तरह की गड़बड़ी नहीं मिलने …
बरेली,अमृत विचार। शासन के निर्देश पर एसआईटी प्रदेश भर में कोरोना किट घोटाले की जांच कर रही है। बरेली में भी कोरोना किट खरीद में घोटाले की आशंका जताई जा रही थी। इसको लेकर जिले से शासन ने रिपोर्ट मांगी थी। पिछले दिनों स्थानीय अफसरों की जांच रिपोर्ट में किसी तरह की गड़बड़ी नहीं मिलने पर सीडीओ ने शासन को रिपोर्ट भेज दी है। जिसमें जनपद में किसी भी तरह का घोटाला नहीं होने का जिक्र करते हुए एक किट अधिकतम चार हजार रुपये में खरीदना बताई है।
बता दें, सरकार की ओर से लाकडाउन में जनपद की समस्त 1193 ग्राम पंचायतों में घर-घर सर्वे के तहत कोरोना की जांच के लिए ऑक्सीमीटर और थर्मल स्कैनर खरीदने के आदेश दिए गए थे। शासन से कोरोना किट के रेट 2800 रुपये निर्धारित थे। लेकिन कई जनपदों में आठ से नौ हजार रुपये तक में खरीद दर्शाकर लाखों रुपये का घोटाला हुआ है। इसके बाद प्रदेश सरकार ने एसआईटी को सभी जिलों की जांच सौंप दी।
मंडल में बरेली जिले को छोड़कर पीलीभीत और शाहजहांपुर में गड़बड़ी सामने आने पर यहां के अफसरों से करोना किट खरीद से संबंधित रिपोर्ट मांग ली गई। शुरू में पंचायत राज विभाग के अफसरों में खलबली मच गई। लेकिन जब इसकी गोपनीय जांच कराई गई तो किसी तरह की गड़बड़ी उजागर नहीं हुई। जांच पड़ताल में पता चला कि बरेली में अधिकतम चार हजार रुपये में एक कोरोना किट की खरीद हुई है।
सीडीओ चंद्र मोहन गर्ग ने बताया कि कोरोना किट खरीद के आदेश लाकडाउन लगने के कुछ समय बाद ही जारी कर दिये गए थे। लेकिन इसके 2800 रुपये के हिसाब से किट खरीद का आदेश जुलाई में जारी किया गया। तब तक ग्राम पंचायतों में किटों की खरीद हो चुकी थी। खरीदी गई कोरोना किट उच्च क्वालिटी की है। इस पर शासन ने किसी तरह की आपत्ति नहीं जताई है।
