हल्द्वानी: वेंटीलेटर पर 'व्यवस्था', तड़प रहे मरीज
लक्ष्मण मेहरा, हल्द्वानी, अमृत विचार। एक ओर सरकार स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर नित नये-नये दावे कर रही है, लेकिन हकीकत में सरकारी व्यवस्था ही वेंटिलेटर पर है। कुमाऊं के सभी जिलों के अस्पतालों में डॉक्टरों की भारी कमी है। हालात ये हैं कि सबसे बड़ी आबादी वाले जिलों में ही सबसे कम डॉक्टर हैं और मरीजों की कतार लंबी है। खुद मुख्यमंत्री के विधानसभा क्षेत्र चंपावत में भी पूरे डॉक्टर नहीं हैं। पेश है कुमाऊं के छह जिलों में अस्पतालों की व्यवस्था पर एक रिपोर्ट...
सीमित संसाधनों के सहारे नैनीताल के मरीज
जनपद नैनीताल के प्रमुख बेस, महिला, बीडी पांडे अस्पताल के अलावा सभी सीएचसी और पीएचसी सेंटरों की हालत खराब है। विशेषज्ञ डॉक्टरों के अभाव में मरीज बड़े शहरों की ओर रुख करने को मजबूर हैं। अस्पतालों में तैनात डॉक्टरों और सीमित संसाधनों के सहारे मरीजों का इलाज हो रहा है।
कॉन्ट्रैक्ट वाले डॉक्टर ऊधमसिंह नगर में कर रहे इलाज
ऊधमसिंह नगर में भी डॉक्टरों का अभाव है। सीएमओ ऑफिस को मिलाकर रुद्रपुर, काशीपुर, खटीमा, बाजपुर, सितारगंज, नानकमत्ता, जसपुर, गदरपुर, किच्छा और केलाखेड़ा के अस्पतालों में आधे से भी कम डॉक्टर तैनात हैं। ऐसे में कॉन्ट्रैक्ट पर 16 डॉक्टरों को रखा गया है।
अल्मोड़ा में न सर्जन न जांच की व्यवस्था
जनपद अल्मोड़ा के अस्पतालों की हालत मैदान से भी बदतर है। यहां अस्पतालों में रेडियोलॉजिस्ट और सर्जन का अभाव है। सीएचसी तक में महिला डॉक्टर नहीं हैं। फिजिशियन के भी पद खाली हैं। नियमित को छोड़कर 110 बॉन्डधारी डॉक्टरों के भरोसे स्वास्थ्य व्यवस्था चल रही है।
बागेश्वर में अस्पतालों का और भी बुरा हाल
बागेश्वर जनपद के अस्पतालों में जहां विशेषज्ञ डॉक्टर नहीं हैं वहीं रेडियोलॉजिस्ट, पैथोलॉजिस्ट और एनेस्थेटिस्ट का भी अभाव है। इसके अलावा स्टाफ नर्स, लैब टैक्नीशियन और फार्मासिस्टों की भी कमी है। इससे मरीजों को बेहतर इलाज की सुविधा नहीं मिल पा रही है।
पिथौरागढ़ से इलाज के लिए हल्द्वानी आ रहे मरीज
जनपद पिथौरागढ़ के अस्पतालों में पर्याप्त डॉक्टर हैं। यहां डॉक्टरों के 5 पद ही खालीं हैं, लेकिन इसके बावजूद मरीज 250 किलोमीटर का सफर तय कर हल्द्वानी इलाज कराने आते हैं। कारण अस्पतालों में पर्याप्त संसाधन उपलब्ध नहीं हैं।
कुमाऊं के अस्पतालों में डॉक्टरों की स्थिति
जनपद पद तैनात खाली
नैनीताल 319 200 119
ऊधमसिंह नगर 232 100 132
अल्मोड़ा 290 110 180
बागेश्वर 135 84 51
पिथौरागढ़ 173 168 05
चंपावत 111 71 40
नोट : सभी आंकड़े स्वास्थ्य विभाग के अनुसार हैं।
हल्द्वानी-अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेजों में 60 फीसदी फैकल्टी नहीं
मंडल के हल्द्वानी और अल्मोड़ा राजकीय मेडिकल कॉलेजों में लंबे समय से फैकल्टी की कमी है। इस कारण कॉलेजों के अधीन अस्पतालों में मरीजों को बेहतर इलाज नहीं मिल पा रहा है। वहीं पीजी व एमबीबीएस करने वाले छात्र-छात्राओं की पढ़ाई भी ठीक से नहीं हो पा रही है। हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज में प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और असिस्टेंट प्रोफेसर के करीब 60 प्रतिशत पद खाली हैं। कई बार विज्ञप्ति निकालने के बाद भी सफलता नहीं मिल पाई है। यही स्थिति अल्मोड़ा की भी है। यहां भी फैकल्टी के 60 प्रतिशत पद खाली हैं।
