हल्द्वानी: रैगिंग प्रकरण में 22 छात्रों के परिजनों को भेजे नोटिस

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Edited By Amrit Vichar
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हल्द्वानी, अमृत विचार। राजकीय मेडिकल कॉलेज में रैगिंग मामले में एमबीबीएस द्वितीय वर्ष के 22 छात्रों पर कॉलेज प्रबंधन ने कार्रवाई की है। सभी 22 छात्रों के परिजनों को भी नोटिस भेज दिए गए हैं। 

बीते शुक्रवार को मेडिकल कॉलेज के प्रथम वर्ष के छात्रों को द्वितीय वर्ष के छात्रों ने अपने हॉस्टल में बुलाया और रैगिंग ली। रैगिंग की जानकारी जैसे ही प्राचार्य डॉ. अरुण जोशी को मिली थी, उन्होंने मामले में कार्रवाई शुरू कर दी। सबसे पहले वह तुरंत हॉस्टल पहुंचे और आरोपी छात्रों को लताड़ लगाई।

प्राचार्य ने रैगिंग मामले में अनुशासन समिति की बैठक बुलाई और इसके बाद अगले दिन एंटी रैगिंग कमेटी की बैठक में रैगिंग की चर्चा की गई। समिति के निर्णय के बाद एमबीबीएस द्वितीय वर्ष के 10 छात्रों पर 25-25 हजार का जुर्माना लगाया और उन्हें हॉस्टल से 6 माह के लिए निष्कासित का दिया। इसके अलावा अन्य बिंदुओं पर कार्रवाई का निर्णय लिया गया था। कॉलेज प्रबंधन ने कॉलेज में लगे सीसीटीवी की भी जांच की तो मामले और भी आरोपी छात्र सामने आए।

जिसके बाद नए सिरे से कार्रवाई करनी पड़ी। सीसीटीवी फुटेज में एमबीबीएस द्वितीय वर्ष के 12 और छात्र रैगिंग में लिप्त पाए गए। इसके बाद कॉलेज प्रबंधन ने मामले में नए सिरे से निर्णय लिए जिसमें 10 छात्रों को 50-50 हजार रुपए का जुर्माना लगाया तो वहीं 12 छात्रों पर 25-25 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया है।

इसके अलावा सभी 22 छात्रों को 6 माह के लिए हॉस्टल से निष्कासित करने, एक हफ्ते कक्षा से निलंबित करने समेत 6 बिंदुओं के निर्णय लिए गए हैं। सभी आरोपी छात्रों के परिजनों को मामले में नोटिस भेज दिया गया है और मेडिकल कॉलेज प्रबंधन के सामने उपस्थित होने को कहा गया है।

राजकीय मेडिकल कॉलेज में रैगिंग पर पूरी तरह से रोक लगाने के प्रयास किया जा रहे हैं। इस प्रक्रिया में जो भी कदम उठाने होंगे वह उठाए जाएंगे। 
- डॉ अरुण जोशी, प्राचार्य, राजकीय मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी

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