Kanpur Central Station: स्टेशन परिसर में कार ने बच्ची को मारी टक्कर… मौत, सीमा विवाद में उलझी रही पुलिस
कानपुर सेंट्रल स्टेशन परिसर में कार ने बच्ची की जान ली।
कानपुर सेंट्रल स्टेशन परिसर में कार ने पांच साल की बच्ची को टक्कर मार दी। जिससे बच्ची की मौत हो गई। बच्ची की मौत से पुलिस सीमा विवाद में उलझी रही।
कानपुर, अमृत विचार। कानपुर सेंट्रल स्टेशन के सर्कुलेटिंग सिटी साइड टेंपो स्टैंड के पास शुक्रवार शाम फुटपाथ किनारे पांच साल की बच्ची को कार सवार ने टक्कर मार दी। इससे बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई। कार चालक बच्ची को उसकी मां के साथ लेकर अस्पताल पहुंचा। जहां कुछ देर बाद डॉक्टरों ने बच्ची को मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद कार चालक वहां से भाग गया।
जिला सीतापुर के थाना बिसवां के ग्राम सरैंया माफी निवासी सुदामा देवी अपनी पांच वर्षीय बेटी मंगला देवी और नानी गुड्डी के साथ बुधवार को कानपुर पहुंची थी। नानी गुड्डी ने बताया कि वह अपने छोटे बेटे नीरज का इलाज कार्डियोलॉजी में कराने के लिए उक्त लोगों के साथ आईं थी। गुरुवार को वह अस्पताल में थीं वहीं शाम के समय सुदामा अपनी दो माह की दुधमुंही बच्ची और बेटी मंगला के साथ सर्कुलेटिंग सिटी साइड टेंपो स्टैंड के पास किनारे बैठी थी।
इसी दौरान काले रंग की कार ने साइड से टक्कर मार दी। इससे मंगला घायल होकर वहीं अचेत हो गई। वहां भीड़ जमा हो गई। चालक मंगला और सुदामा को लेकर उर्सला अस्पताल पहुंचाया। जहां डॉक्टरों ने बच्ची को मृत घोषित कर दिया। इस पर चालक वहां से भाग गया। गुरुवार को हुई घटना के बाद जीआरपी ने शव को शुक्रवार शाम को पोस्टमार्टम हाउस पहुंचाया। जीआरपी इंस्पेक्टर योगेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि त मां की तहरीर पर अज्ञात चालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
भीख मांगने की बात से परिजनों का इंकार
जीआरपी ने बताया कि मृतक के परिजन भीख मांगने का काम करते हैं। वहीं परिजनों ने इस बात से साफ इंकार कर दिया। उन लोगों का कहना था कि पुलिस झूठ बोल रही है। वे लोग जिला सीतापुर में रहते हैं। यहां इलाज कराने आए थे।
सीमा विवाद में उलझी पुलिस
हादसे के बाद मौके पर जीआरपी ने पहुंचकर मामला हरबंश मोहाल थानाक्षेत्र का बताया। इसके बाद हरबंश मोहाल थाना पुलिस पहुंची तो उसने क्षेत्र जीआरपी का बताया। इस दौरान एक घंटे तक दोनों उलझते रहे और विवाद होता रहा। अंतत: जीआरपी ने एफआईआर दर्ज की। जीआरपी के अनुसार परिजन घटना के बाद फरार हुए कार चालक का पता लगाने के लिए स्टेशन व आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज देखने की मांग करने लगे। हंगामे के कारण कागजी कार्रवाई में उन लोगों ने खुद देरी की। जीआरपी के अनुसार फुटेज में उन लोगों को कार का नंबर मिल गया है। उसके नंबर पर परिजनों ने अज्ञात कार चालक नंबर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई।
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