Etawah News : पराली के साथ ही कूड़ा जलाने पर भी लगी रोक, इन अधिकारियों को सौंपी गई निगरानी की जिम्मेदारी

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Edited By Amrit Vichar
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इटावा में पराली के साथ ही कूड़ा जलाने पर भी लगी रोक।

इटावा में पराली के साथ ही कूड़ा जलाने पर भी रोक लगी। लेखपाल और सचिव को निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई।

इटावा, अमृत विचार। पराली जलाने के साथ ही कूड़ा करकट जलाने पर भी रोक लगा दी गई है। गांवों में लेखपालों के साथ ही पंचायत सचिवों को इसकी निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके बाद भी यदि कोई पराली और कूड़ा करकट जलाएगा तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। 

अपर जिलाधिकारी अभिनव रंजन श्रीवास्तव ने साफ कहा है कि कोई भी किसान पराली प्रबंधन तथा कूड़ा करकट न जलायें। उन्होने बताया कि  पराली जलाने वालों में 10 किसानों पर कार्रवाई की गई है। जिले में  लेखपाल व सचिव द्वारा मॉनिटरिंग की जा रही है।

उन्होंने कहा कि अगर ऐसा कोई कार्य करते पाया जाएगा तो उन पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। यह भी कहा गया है कि आंवटित क्षेत्र सफाई कार्य के बाद इकठ्ठे होने वाले कूडा करकट में किसी भी दशा में आग नही जलानी है, यह पर्यावरण के लिए बहुत ही हानिकारक है। 

इसके साथ ही साथ संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों से कहा गया कि वह भी अपने अपने क्षेत्र  मे ंकृषकों को पराली न जलाने के लिए प्रेरित करे, यदि उनके क्षेत्र के अन्तर्गत कोई किसान पराली में आग लगाता, जलाता है तो उसकी सूचना तत्काल सहायक विकास अधिकारी पंचायत को सम्बन्धित का नाम पता सहित उपलब्ध करा दें।

हालांकि इसके बाद भी जिले में कई स्थानों पर पराली जलाई जा रही है। इस बीच कार्रवाई भी जारी है और पराली जलाने के दोषी 55 व्यक्तियों से एक लाख 35 हजार रुपये का जुर्माना वसूला जा चुका है। पराली जलाए जाने पर राष्ट्रीय हरित अधिकरण अधिनियम की धारा-24 के अन्तर्गत क्षतिपूर्ति की वसूली एवं धारा-26 के अन्तर्गत पर्यावरण की हो रही क्षतिपूर्ति की वसूली के निर्देश दिये गये है।

इसमें की गई व्यवस्थाओं के अनुरुप 2 एकड़ से कम क्षेत्रफल के लिए 2500 रुपये,  2 से 5 एकड़ क्षेत्रफल के लिए 5000 रुपये तथा 5 एकड़ से अधिक क्षेत्रफल के लिए 15000 रुपये तक पर्यावरण कम्पन्सेशन की वसूली के निर्देश हैं।

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