Kanpur News: अधाधुंध जल दोहन से शहर में सूख रही धरती की कोख... भू-गर्भ जल विभाग की रिपोर्ट में हुआ खुलासा

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Edited By Amrit Vichar
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कानपुर में अधाधुंध जल दोहन से शहर में सूख रही धरती की कोख।

कानपुर में अधाधुंध जल दोहन से शहर में सूख रही धरती की कोख। भू-गर्भ जल विभाग की रिपोर्ट में खुलासा हुआ। किदवई नगर इलाके में जलस्तर सबसे नीचे है।

कानपुर, [अभिनव मिश्र]। उत्तर प्रदेश भू गर्भ जल विभाग की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक शहर में किदवई नगर और बाबूपुरवा में भू गर्भ जलस्तर तेजी से नीचे जा रहा है। रिपोर्ट में श्याम नगर, कालपी रोड, सिविल लाइंस और फजलगंज क्षेत्र में भी भूगर्भ जल स्तर की स्थिति चिंताजनक बताई गई है। 
 
भू गर्भ जल विभाग की वर्ष 2023 पोस्ट मानसून रिपोर्ट के अनुसार किदवई नगर और बाबूपुरवा इलाके में भूजल दोहन सबसे अधिक हो रहा है। यही वजह है कि इन दोनों जगह भूगर्भ जलस्तर शहर में सबसे निचले स्तर 31.77 मीटर पर है। रिपोर्ट के अनुनसार जिले के शहरी क्षेत्र में पानी का इस्तेमाल पीने और घरेलू कार्यों में किया जाता है, जबकि ग्रामीण इलाकों में सिचाईं और पुशपालन संबंधी कार्यों में भू गर्भ जल दोहन होता है। 
 
अधिकांश मोहल्ले क्रिटिकल श्रेणी में 
 
रिपोर्ट के अनुसार शहर में अधिकांश मोहल्ले क्रिटिकल श्रेणी में हैं। श्याम नगर में 29.56, कालपी रोड में 29.50, सिविल लाइंस में 29.30 व फजलगंज में भूगर्भ जल स्तर 28.6 मीटर पर पाया गया है। सनिगवां 10.15, कैंट 11.75, चकेरी 12.25 मीटर को सेमी क्रिटिकल जोन में रखा गया है। 
 
घाटमपुर और पतारा भी जूझ रहे जल संकट से 
 
ग्रामीण इलाकों में भी भूगर्भ जलस्तर तेजी से घट रहा है। ग्रामीण इलाकों में घाटमपुर व पतारा क्षेत्र की स्थिति सबसे खराब है। घाटमपुर में भूगर्भ जल का स्तर 15.47 व पतारा में 19.07 मीटर पर है। भूगर्भ जलस्तर की सबसे अच्छी स्थिति कुनगांव, जाजमऊ, गंभीरपुर में है। यहां जलस्तर 5.75 से 7.10 मीटर पर है।
 
ग्रामीण क्षेत्रों में खेती-किसानी व  पशुपालन में सबसे अधिक भूजल का दोहन किया जा रहा है। किसान तालाबों व नहरों की बजाए ट्यूबबेल व सबमर्सिबल पंप पर अधिक निर्भर हो गए हैं। शहरी क्षेत्रों में गर्मी के मौसम में छतों व गलियों में पानी का छिड़काव, गाड़ियों की धुलाई व फैक्ट्रियों में भारी मात्रा में पानी का  प्रयोग किया जाता है। बड़े संस्थानों में जागरूकता के अभाव से रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम नहीं लगे हैं। इस कारण हालात चिंताजनक होते जा रहे हैं।- अविरल कुमार सिंह, भूजल वैज्ञानिक 
 
क्या होता है भू जल दोहन
 
भूगर्भ जल विभाग के मुताबिक साल में कितना जल भूगर्भ से निकाला जाता है और बारिश, सिंचाई, रेन वाटर हार्वेस्टिंग तथा अन्य माध्यमों से कितना जल जमीन के नीचे जाता है। दोनों के अंतर को भूजल दोहन कहते हैं। 
 
ऐसे होता भूजल स्तर का आकलन
 
भूजल स्तर आकलन के लिए कानपुर में लगभग 100 से अधिक केंद्र हैं, जो ज्यादातर विद्यालयों में बनाए गए हैं। वहां पर पीजोमीटर के जरिए जलस्तर नापा जाता है। यह एक स्केल होता है। इसे जब जमीन के भीतर डाला जाता है, तो पानी को छूते ही बीप बजने लगती है, इससे जलस्तर का पता चलता है। 
 
कहां कितना घटा जल स्तर
 
  वर्ष 2023 वर्ष 2022 वर्ष 2021
1-   किदवईनगर        31.77 32.58 32.37
2-  श्याम नगर 29.55 29.15 28.50
3-  कालपी रोड 29.50 29.60 29.10
4- सिविल लाइंस 29.30 24.15 24.60
5- फजलगंज 28.06 28.26 29.01
 
 

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