लखनऊ : डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक बोले- कैंसर से जीतने के लिए जरूरी है जागरुकता

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Edited By Amrit Vichar
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लखनऊ, अमृत विचार। उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा कि कैंसर से डटकर मुकाबला करना चाहिए। इस बीमारी से घबराना नहीं चाहिए। इच्छा शक्ति, नई तकनीक और दवाओं से कैंसर से जीता जा सकता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में एसजीपीजीआई, केजीएमयू, कल्याण सिंह कैंसर संस्थान और डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में कैंसर का उचित इलाज उपलब्ध है। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक शनिवार को एसजीपीजीआई स्थित कंवेंशन सेंटर में आयोजित ब्रेसकॉन -2023 के दौरान बतौर मुख्य अतिथि कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। तीन दिवसीय इस कार्यक्रम का आयोजन टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल ने संजय गांधी पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट और कल्याण सिंह सुपर स्पेशलिटी इंस्टीट्यूट के सहयोग से किया है।

उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि लखनऊ के एसजीपीजीआई, केजीएमयू, कल्याण सिंह कैंसर संस्थान और डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में कैंसर मरीजों को पूरा इलाज मिल रहा है। कैंसर बहुत ही गंभीर बीमारी है। जिस व्यक्ति को यह बीमारी हो जाती है। वह स्वयं और उसका परिवार का जीवन काफी मुश्किल हो जाता है। ऐसे में सबसे पहले कैंसर से इलाज के लिए आत्मविश्वास जरूरी है, तभी इस बीमारी से जीता जा सकता है। इसके अलावा उन्होंने कहा कि मौजूद समय में कैंसर के इलाज में पहले के मुकाबले आज चिकित्सा क्षेत्र नई तकनीक और दवायें उपलब्ध है। जिससे इलाज आसान हुआ है। अपनी हिम्मत और उचित इलाज से कैंसर से पीड़ित मातायें और बहने इस रोग को मात दे सकती हैं। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि जागरुकता के बल पर ही इस रोग से जीता जा सकता है।

आयोजन अध्यक्ष डॉ. विनय कांत शंखधर ने कहा, 'हमारा मानना ​​है कि स्तन पुनर्निर्माण के बारे में जागरूकता और समझ को बढ़ावा देकर, हम व्यक्तियों को उनकी स्तन-उच्छेदन( Mastectomy) के बाद की यात्रा के बारे में निर्णय लेने के लिए सशक्त बना सकते हैं। यह कार्यक्रम सिर्फ एक आयोजन नहीं है, यह उत्सव है।

यह कार्यक्रम ब्रैस्कॉन 2023 का एक हिस्सा था जो ब्रेस्ट रिकंस्ट्रक्टिव एंड एस्थेटिक सर्जन एसोसिएशन (बीआरएएसए) का 10वां अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन है। आयोजकों को उम्मीद है कि जागरूकता के माध्यम से कोई भी महिला स्तन कैंसर के संदेह के साथ डॉक्टर के पास जाने से नहीं डरेगी क्योंकि उसे डर होगा कि वह विकृत महसूस कर सकती है और हर महिला में स्तन कैंसर की कठिन यात्रा का सामना करने और इससे बाहर आने का आत्मविश्वास होगा।

इस अवसर पर आर्मी वाइव्स वेलफेयर एसोसिएशन की क्षेत्रीय प्रमुख महालक्ष्मी सुब्रमणि, अभिनेत्री महिमा चौधरी (स्तन कैंसर सर्वाइवर) और अभिनेत्री छवि मित्तल (स्तन कैंसर सर्वाइवर), एसजीपीजीआई के निदेशक डॉ. आरके धीमन, निदेशक एसजीपीजीआई, डॉ. विनय कांत शंखधर, प्रोफेसर और हेड प्लास्टिक एंड रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी, टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल,डॉ. पंकज चतुर्वेदी, प्रोफेसर एवं उपनिदेशक कैंसर महामारी विज्ञान केंद्र, डॉ. भागवत माथुर, संस्थापक सदस्य, बीआरएएसए, डॉ. प्रदीप गोइल, अध्यक्ष, बीआरएएसए और पूर्व एचओडी प्लास्टिका एंड रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी एसएमएस जयपुर, डॉ. अंकुर भटनागर, सचिव, बीआरएएसए प्रोफेसर प्लास्टिक एंड रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी एसजीपीजीआई उपस्थित रहे।

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