Kanpur News: मधुमेह रोगियों को अब नहीं होगा गैंगरीन, GSVM मेडिकल कॉलेज इतने दिन तक चलेगा 96 मरीजों पर शोध

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Edited By Amrit Vichar
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कानपुर में मधुमेह रोगियों को अब नहीं होगा गैंगरीन।

कानपुर में मधुमेह रोगियों को अब नहीं होगा गैंगरीन। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में 103 दिन तक 96 मरीजों पर शोध चलेगा।

कानपुर, अमृत विचार। मधुमेह रोगियों के पैर में घाव होने पर अब उसे काटने की नौबत नहीं आएगी। पैर में गैंगरीन भी नहीं पनप पाएगा। यह संभव होगा बैक्टीरियोफाज वायरस से। यह वायरस पैरों में सड़न पैदा करने वाले बैक्टीरिया को खा लेंगे, जिससे घाव जल्दी भर जाएगा। इसके लिए डायबिटिक मरीजों के घाव में वायरस डाला जाएगा, जो बैक्टीरिया को खत्म कर देंगे। 

जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में डायबिटिक मरीजों का इलाज बिना दर्द के किया जाएगा। साथ ही मरीजों को एंटीबायोटिक दवा की जरूरत भी नहीं होगी। इसके लिए जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर 103 दिन तक 96 मरीजों पर शोध करेंगे। इन मरीजों को दो ग्रुप में बांटा जाएगा। प्राचार्य प्रो.संजय काला ने बताया कि बैक्टीरियोफाज (टीपी102) वायरस डायबिटिक फुट मरीजों के घाव में डाला जाएगा।

अक्सर डायबिटिक मरीजों के पैर में घाव हो जाता है, जिसमें मौजूद बैक्टीरिया उस हिस्से को तेजी से खराब करने लग जाते हैं, ऐसे में संबंधित मरीज का पैर काटने तक की नौबत आ जाती है। शोध के दौरान डायबिटिक फुट के मरीजों के घाव में यह वायरस डाला जाएगा, जो बैक्टीरिया को खाने का काम करेगा। यह ड्राप हर तीन दिन में एक बार डाला जाएगा।

सातवें दिन घाव की जांच की जाएगी। एक ग्रुप में मौजूद मरीजों के घाव में वायरस डाला जाएगा, जबकि दूसरे ग्रुप के मरीजों को इलाज में चलने वाली सामान्य दवाएं दी जाएगी। इससे यह भी जानकारी होगी कि दवा जल्दी असर करती है या वायरस। इस शोध में प्राचार्य प्रो. संजय काला के साथ उप प्राचार्य प्रो. रिचा गिरी, प्रो. सौरभ अग्रवाल व प्रो.शिवेंद्र शामिल हैं।

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