मुरादाबाद: दवा के थोक कारोबारी ने पिता-पुत्र पर दर्ज कराई एफआईआर

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Edited By Amrit Vichar
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माधव मेडिकल एजेंसी के संचालक पर 8.63 लाख रुपये उधारी चुकता न करने का आरोप, आरोपियों पर रिपोर्ट दर्ज कराने को डीआईजी, एसएसपी से मिले फिर भी पुलिस ने किया खेल

मुरादाबाद, अमृत विचार। दवा व्यापारियों में बकाया भुगतान को लेकर आपस में विवाद हो गया। दोनों व्यापारियों में स्थिति गाली-गलौज और मारपीट तक पहुंच गई। जिस पर पीड़ित पक्ष ने कोतवाली नगर में पिता-पुत्र के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करा दी है। इसमें कोतवाली क्षेत्र के जीएमडी रोड कुटिया वाली गली के आनंद कुमार व उनका बेटा अक्षय प्रताप सिंह नामजद हुआ है।

पीड़ित मदन लाल पुजारा रामगंगा विहार कॉलोनी फेज-दो आस्था कॉलोनी के रहने वाले हैं। इनका कंजरी सराय में विकास मंजिल के सामने मैसर्स पुजारा मेडिकोज का व्यवसाय है। बेटा नीरज पुजारा भी कारोबार में मदन लाल पुजारा की मदद करते हैं। मदन लाल ने बताया कि आरोपी पिता-पुत्र (आनंद कुमार व अक्षय प्रताप) पिछले एक-डेढ़ साल उनके पुजारा मेडिकोज से दवाएं खरीद कर ले जाते रहे। इन लोगों ने कुल 8,63,510 रुपये की दवाएं उधार ले लीं। कई बार मांगने के बाद भी पिता-पुत्र ने उधार चुकता नहीं किया तो 8 अक्टूबर को उनका बेटा नीरज पुजारा बकाया लेने के लिए जीएमडी रोड कुटिया वाली गली में स्थित उनकी फर्म माधव मेडिकल एजेंसी पर गया था।

 जिस पर आरोपियों ने उसे केनरा बैंक की चेक (414261) काट कर दे दी और धमकाया कि अब दोबारा मेडिकल एजेंसी पर मत आ जाना। मदन लाल पुजारा ने बताया कि आरोपी के बैंक खाते में धनराशि न होने से चेक क्लीयर नहीं हुई। जिस पर उनका बेटा नीरज दोबारा आरोपी की फर्म माधव मेडिकल एजेंसी पर गया, जहां आरोपियों ने उससे गाली-गलौज की और धमकाया कि दोबारा मेडिकल एजेंसी पर मत आ जाना और जो रुपये बाकी भी हैं वह उसे नहीं देंगे। पुलिस या प्रशासनिक अधिकारियों के पास गए तो वह लोग उसे और उसके परिवार वालों को जान से मार देंगे।
पुजारा ने ले रखा है कर्ज

पीड़ित मदन लाल पुजारा ने बताया कि दवा व्यवसाय के लिए उन्होंने भी बैंक से लोन ले रखा है। आरोपी आनंद और उनके बेटे अक्षय ने उनके 8,63,510 रुपये फंसा रखे हैं। उधारी चुकता करने के बजाया उलटे जान से मारने की धमकी दे रहे हैं।
एफआईआर दर्ज कराने को लगानी पड़ी लंबी दौड़

मदन लाल पुजारा ने बताया कि आरोपी पिता-पुत्र के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने को वह महीने भर से थाना कोतवाली के चक्कर काट रहे थे। जब उनकी शिकायत नहीं सुनी गई तो 20 दिन पहले हेल्पलाइन नंबर 1076 पर शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी शिकायत ऑनलाइन कराई। फिर कुछ समय बाद उनके पास कोतवाली नगर से फोन आया कि मुख्यमंत्री पोर्टल पर आपकी दर्ज शिकायत पर कार्रवाई के निर्देश मिले हैं, थाने आइए। मदन लाल पुजारा ने बताया कि जब वह थाने गए तो आरोपी फुटकर दवा व्यावसायी आनंद कुमार व उनके बेटे अक्षय प्रताप सिंह के विरुद्ध धोखाधड़ी के आरोप में एफआईआर दर्ज करने के लिए पुलिस तैयार नहीं हुई।

 इसी बीच उनके पास मुख्यमंत्री कार्यालय से शिकायत में की गई कार्रवाई का फीडबैक मांगा गया, जिस पर मदन लाल पुजारा ने कह दिया कि थाना पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। इस पर मुख्यमंत्री कार्यालय से उन्हें डीआईजी से संपर्क करने की सलाह दी गई तो वह अगले दिन डीआईजी से मिले। फिर डीआईजी के निर्देश पर कोतवाली नगर क्षेत्र की पुलिस चौकी कंजरी संराय के इंचार्ज गौरव शर्मा से आख्या मांगी गई। मदन लाल पुजारा ने बताया कि कुछ दिन पहले काेतवाली की कांस्टेबल गीता ने उनको फोन कर एफआईआर दर्ज कराने के लिए थाने बुलाया था।

 थाने में उनसे कहा गया कि धोखाधड़ी में (आईपीसी की धारा-420) रिपोर्ट लिखानी है तो सक्षम अधिकारी (एसएसपी) से सहमति लें। मदन लाल पुजारा 17 नवंबर को एसएसपी से मिले, उन्हें समस्या बताई। इसके बाद वह शनिवार को फिर कोतवाली पहुंचे और उनकी एफआईआर दर्ज हुई है। दर्ज एफआईआर से असंतुष्ट मदन लाल ने कहा, पुलिस ने धोखाधड़ी के आरोप में रिपोर्ट दर्ज नहीं की है, इसलिए वह अपने धन की प्राप्ति के लिए सब कुछ करेंगे। आईजी जोन के पास जाएंगे, नहीं बनेगा तो कोर्ट की शरण लेंगे।

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