National Children's Science Congress : राज्य स्तरीय प्रस्तुति के लिए प्रतापगढ़ के चार प्रोजेक्ट चयनित

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Edited By Amrit Vichar
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प्रतापगढ़, अमृत विचार। इकतीसवीं राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस में जनपद स्तर पर चयनित चार प्रोजेक्ट राज्य स्तरीय विशेषज्ञों द्वारा भी चयनित कर लिए गए हैं और ये जिले के लिए गौरव की बात है। चयनित प्रोजेक्ट का प्रस्तुतिकरण एक, दो व तीन दिसंबर को मिर्जापुर में होगा। इनमें से 21 प्रोजेक्ट राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिभाग करेंगे।

राज्य स्तर पर चयनित 100 प्रोजेक्ट में दूसरे स्थान पर चयनित प्रोजेक्ट बेसिक शिक्षा परिषद के उच्च प्राथमिक विद्यालय नरहरपट्टी का है। संस्कार ग्लोबल स्कूल के दो प्रोजेक्ट शामिल हैं। पहला प्रोजेक्ट कचरा प्रबंधन से संबंधित है, जिसके बाल विज्ञानी कक्षा नौ की छात्राएं आयशा वहीद और अंशिका सिंह हैं। इनके मार्गदर्शक शिक्षक अमित सोनी हैं। दूसरा प्रोजेक्ट सैनिटरी पैड के उचित प्रयोग से संबंधित है, जिसके बाल विज्ञानी कक्षा आठ की छात्राएं अश्वि पांडे और मुग्धा शुक्ला हैं। इनकी मार्गदर्शक शिक्षिका अंकिता सिंह हैं। 

उच्च प्राथमिक विद्यालय मरुआन के छात्र शौर्य पांडेय और नंद गोपाल तिवारी कक्षा आठ का शोधपत्र राज्यस्तर के लिए चयनित हुआ है। छात्रों ने अपने स्थानीय परिवेश में पाए जाने वाले खरपतवार ममरी का उपयोग कर एक प्राकृतिक मासकीटो रिपेलेंट बनाया है, जो बाजार में बिकने वाले महंगे रसायनिक पदार्थों की अपेक्षा अत्यंत सस्ता और इको फ्रेंडली है। इनकी मार्गदर्शक शिक्षिका रश्मि मिश्रा हैं। 

उच्च प्राथमिक विद्यालय नरहरपट्टी मानधाता की छात्राएं स्तुति एवं दीपिका द्वारा मंदिरों में चढ़ाए जाने वाले पुष्पों से अगरबत्ती बनाने में करने एवं इसे लघु उद्योग के रूप स्थापित करने की अवधारणा संबंधित प्रोजेक्ट का निर्माण किया है। इनके मार्गदर्शक आशुतोष निर्मल हैं। इस चयन के पीछे जिला समन्यवक श्याम प्रकाश मौर्य, जिला समन्वयक एकेडमिक राजीव कुमार सिंह, योगेश प्रताप सिंह एवं निर्णायकों की बड़ी भूमिका रही। निर्णायक मंडल में डा. आशुतोष सिंह, विजय विश्वकर्मा, अखिलेश सिंह, मोहम्मद शोएब, डा. दिनेश पांडेय, डा. योगेश प्रताप सिंह, डा. धर्मेंद्र प्रताप सिंह रहे।

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