मुरादाबाद: साइबर सेल ने वापस कराए 27 हजार रुपए
मुरादाबाद, अमृत विचार। साइबर सेल ने समय से सूचना मिलने पर तीन लोगों से ठगी गई धनराशि का अधिकतर हिस्सा वापस करा दिया। टीम ने तीनों के खातों में करीब 27 हजार रुपए वापस करा दिए। साइबर क्राइम के रोजाना मामले सामने आ रहे हैं। लुटेरे लोगों को फोन करके कभी एटीएम का पासवर्ड पूछकर …
मुरादाबाद, अमृत विचार। साइबर सेल ने समय से सूचना मिलने पर तीन लोगों से ठगी गई धनराशि का अधिकतर हिस्सा वापस करा दिया। टीम ने तीनों के खातों में करीब 27 हजार रुपए वापस करा दिए। साइबर क्राइम के रोजाना मामले सामने आ रहे हैं। लुटेरे लोगों को फोन करके कभी एटीएम का पासवर्ड पूछकर तो कभी रकम ट्रांसफर करने के नाम पर लिंक भेजकर लोगों के खातों से रकम निकाल रहे हैं।
यह लुटेरे इस रकम से अधिकतर आनलाइन खरीददारी कर रहे हैं। बैंक कर्मी व पुलिस द्वारा सतर्कता बरतने की तमाम अपील के बाद भी लोग खाते से संबंधित जानकारी दूसरों को दे रहे हैं। बढ़ते क्राइम के बीच राहत भरी बात यह है कि अलर्ट साइबर सेल ने समय से सूचना मिलने पर तीन लोगों के खाते में रकम वापस करा दी है।
केस-1
सिविल लाइंस कोतवाली क्षेत्र निवासी अदिति दीक्षित ने पुलिस को बताया कि कुछ दिनों पहले उसके मोबाइल पर फोन आया। बात-चीत के दौरान उसने खुद को परिचित बताते हुए उसके मोबाइल पर एक लिंक भेजा। अदिति के अनुसार लिंक आने के बाद उसके खाते से करीब 13500 रुपए निकल गए। समय से सूचना पर सेल ने अदिति के खाते में आठ हजार रुपए वापस करा दिए हैं।
केस-2
सिविल लाइंस क्षेत्र के डा. वरुण प्रकाश ने भी ठगी की शिकायत दर्ज कराई थी। उनका कहना है कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने क्यूआर बनवाने के लिए एनी डेस्क एप्लीकेशन इंस्टॉल करवाई। इसके बाद उनके खाते से करीब बीस हजार रुपए निकाल लिए। मैसेज आने पर उनके होश फाख्ता हो गए। सेल ने करीब आठ हजार रुपए वापस करा दिए हैं।
केस-3
मझोला थाना क्षेत्र के चंचल कुमार ने बताया कि उन्होंने फोन रिचार्ज कराने के लिए गूगल पर कुछ नंबर सर्च किए। इसके बाद उन्होंने एक नंबर पर फोन मिला। बात करने के कुछ देर बाद ही उनके खाते से करीब पच्चीस हजार रुपए निकाल लिए गए। सूचना पर सेल ने करीब 10500 रुपए वापस करा दिए।
साइबर क्राइम रोकने को ग्राहक सेवा केंद्र व बैंक मित्र आए आगे
साइबर क्राइम को रोकने के लिए ग्राहक सेवा केंद्र व बैंक मित्र भी वालियंटर के रूप में काम करने लगे हैं। एसएसपी के आदेश के बाद उन्होंने ग्राहकों से संवाद करने के साथ ही उनको हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी। बताया किसी भी अंजान व्यक्ति को बैंक एकाउंट संबंधी जानकारी न दें। अगर इसके बाद भी ठगी होती हैं तो तुरंत सेल के साथ ही हेल्पलाइन नंबरों पर फोन करें।
संचालकों ने लोगों से करते हुए कहा कि बैंक, बीमा कंपनी, टेलीकॉम कंपनी, लकी ड्रा, बोनस आदि के नाम पर आने वाले फोन काल के झांसे में न आए। साइबर क्राइम की घटना होने पर सबसे पहले बैंक के टोल फ्री नम्बर पर फोन कर खाते पर रोक लगवाएं । उसके तुरंत बाद बैंक जाकर पासबुक प्रिंट कराएं । प्रार्थना पत्र के साथ बैंक पासबुक प्रिंट और एटीएम कार्ड का 16 अंक लिखकर 24 घंटे के भीतर हेल्पलाइन नंबर 9454401742 पर व्हाट्सएप करें ।
संचालकों ने जनता से यह भी अपील किया कि रंगदारी मांगने तथा भ्रष्टाचार की शिकायत एसएसपी द्वारा जारी जनहित व्हाट्सएप नम्बर 9368332927 पर करें । किसी भी व्यक्ति द्वारा पासपोर्ट, चरित्र सत्यापन, शस्त्र लाइसेंस आदि के नाम पर रुपये मांगने की जानकारी जनहित नम्बर पर दें। उन्होंने लोगों को बताया कि ओएलएक्स या अन्य साइटों पर जो लोग अपने सामान (वाहन, मोबाइल इत्यादि ) बेचने के लिए डालते हैं उन पर साइबर अपराधी नजर बनाए रखते हैं । ताकि लोगों को आसानी से चपत लगा सकें। इस मौके पर विजय श्रीवास्तव, सचिन चौहान, विनोद कुमार, शान ए आलम समेत तमाम वालियंटर ने लोगों को जागरुक करने के साथ ही पंपलेट्स वितरित किए।
