थोड़ी राहत
इजराइल सरकार और हमास ने बुधवार को इजराइल में कैद 150 फिलीस्तीनियों के बदले में गाजा में रखे गए 50 बंधकों की रिहाई और घिरे इलाके में मानवीय सहायता के प्रवेश की अनुमति देने के लिए लड़ाई को चार दिनों के लिए रोकने पर सहमति व्यक्त की।
कतर और मिस्र ने इस युद्ध विराम समझौते के लिए मध्यस्थता की है। समझौते के तहत हमास पहले चरण में इजराइली महिलाओं और बच्चों को छोड़ेगा। युद्धविराम गुरुवार की सुबह 10 बजे प्रभावी होगा। उल्लेखनीय है कि हमास ने 7 अक्टूबर को इजराइल में घुस कर रॉकेट दाग कर हमला किया था। इस हमले में सैकड़ों लोग मारे गए थे और कई लोगों को हमास के हमलावरों ने बंधक बना लिया था।
इसके बाद इजराइल ने हमास के खिलाफ हमले शुरू किए। 46 दिनों से जारी संघर्ष में हजारों लोग मारे गए हैं। गाजा में हर दिन खराब होती मानवीय स्थिति के चलते इजराइल पर अंतर्राष्ट्रीय दबाव भी बढ़ रहा है। कहा गया कि इजराइली सेना द्वारा की गई बमबारी और उसके बाद जमीनी आक्रमण ने यहां मानवीय संकट पैदा कर दिया है।
गाजा में भोजन, पानी, ईंधन और दवाओं की बेहद कमी है। 23 लाख की आबादी वाली गाजा पट्टी में 17 लाख लोग विस्थापित हो गए हैं। इसके अलावा 36 में से केवल 10 अस्पताल ही फिलहाल काम कर रहे हैं। साथ ही इजराइली आंकड़ों के अनुसार माना जा रहा है कि हमास ने 200 से अधिक लोगों को बंधक बना रखा है।
हाल ही में संयुक्त राष्ट्र के आपदा राहत मामलों के प्रमुख मार्टिन ग्रिफ़िथ्स ने कहा था गाजा में जनसंहार हर दिन भयावहता के नए स्तर पर पहुंच रहा है। दुनिया सदमे में देख रही है, क्योंकि अस्पताल आग की चपेट में आ रहे हैं, समय से पहले पैदा हुए बच्चों की मौतें हो रही हैं और पूरी आबादी जीवित रहने के बुनियादी साधनों से वंचित है।
महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को संचालित रखने और जीवन रक्षक सहायता वितरित करने के लिए, पर्याप्त ईंधन को प्रवेश की अनुमति दी जाए। यह समझौता युद्ध का पहला संघर्ष विराम है जिसमें इजराइली बमबारी ने हमास शासित गाजा के बड़े हिस्से को तबाह कर दिया है।
राहत की बात है कि युद्ध विराम से बड़ी संख्या में मानवीय सहायता एवं राहत सामग्री वाले वाहनों के काफिलों को जाने की अनुमति मिल जाएगी जिनमें ईंधन की आपूर्ति भी शामिल है। अस्थायी युद्ध विराम से गाजा में मानवीय सहायता की आपूर्ति भी बढ़ेगी।
