प्रतापगढ़: खाकी के पहरे में दफनाया गया व्यवसायी के बेटे का शव

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गोपालापुर से रामगंज बाजार तक मुस्तैद रही खाकी

जेठवारा/प्रतापगढ़। किराना व्यवसायी दिलीप जायसवाल का शव खाकी की मुस्तैदी के बीच घर से 200 मीटर दूर दफनाया गया। मृतक की अर्थी उठी तो परिजन दहाड़ मारकर रोने लगे। यह देख सभी की आंखे नम हो गईं। जेठवारा के गोपालापुर गांव निवासी दिलीप जायसवाल अपने पिता पारसनाथ जायसवाल के साथ किराना की दुकान पर हांथ बंटाता था। 

किराये पर एक कार भी चलवाता था। उसका शव मंगलवार रात 11 बजे घर से एक किमी दूर रामगंज बाजार निवासी आसिफ के घर पर फंदे से लटका मिला था। हत्या का आरोप लगाते हुए दिलीप जायसवाल का शव रखकर परिजन मांगों पर बुधवार को अड़ गए थे। ग्रामीणों और पुलिस में तीखी नोकझोक व धक्का-मुक्की हुई थी।

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एसडीएम सदर के आश्वासन पर परिजन अंतिम संस्कार को तैयार हुए। बुधवार रात मुंबई से उसका बड़ा भाई राजीव जायसवाल घर पहुंचा तो भाई के शव से लिपटकर बिलख पड़ा। गुरुवार सुबह से ही गांव के लोग जुटने लगे। बवाल की आशंका को लेकर गोपालापुर से रामगंज बाजार तक पुलिस फोर्स तैनात रही। 

कड़ी सुरक्षा के बीच शव लेकर गांव के ही मरुस्थल पर पहुंचे, जहां शव को दफनाया गया। सीओ सदर अमरनाथ गुप्ता के नेतृत्व में महेशगंज, लीलापुर, बाघराय, समेत पीएसी के जवान मुस्तैद रहे। दोपहर करीब साढ़े बारह बजे अंतिम संस्कार के बाद प्रशासन ने राहत की सांस ली। सीओ सदर अमरनाथ गुप्ता ने बताया कि शव का अंतिम संस्कार गांव में ही किया गया। अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।

हो गया अंतिम संस्कार,नहीं हटे एसओ जेठवारा ..

गोपालापुर निवासी व्यवसायी पारसनाथ जायसवाल के बेटे दिलीप जायसवाल की हत्या के बाद आक्रोशित उसके परिजन और ग्रामीण शव रखकर बुधवार को प्रदर्शन कर रहे थे। अधिकारियों के आने पर परिजनों ने अफसरों से कहा कि साहब जब तक जेठवारा थानाध्यक्ष अभिषेक सिरोही रहेंगे न्याय नहीं मिलेगा।

परिजनों ने एसडीएम सदर को मांगपत्र दिया था। जिसमें प्रमुख मांग वर्तमान थानाध्यक्ष अभिषेक सिरोही को तत्काल हटाये जाने की मांग की। कहा कि एसओ जेठवारा के रहते न्याय नहीं मिलेगा। इसके अलावा आरोपियों की गिरफ्तारी, जमीन का पट्टा, आर्थिक सहायता आदि मांगे शामिल रही। अंतिम संस्कार के बाद परिजनो ने कहा कि अभी एसओ को नहीं हटाया गया।

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