बरेली: रामा पंसारी के बाद सीबीगंज में स्टेशनरी दुकान पर छापा, संचालक गिरफ्तार
बरेली,अमृत विचार। श्यामगंज में रामा पंसारी की दुकान पर छापामारी कर वन्यजीवों के अंगों को बरामद करने के बाद मंगलवार शाम वाइल्ड लाइफ इंडिया की एंटी कोचिंग संस्था और वन विभाग की टीम ने सीबीगंज में स्टेशनरी की दुकान पर छापा मारा। यहां दुकान पर वन्यजीव नेवलों के बालों से बनाए गए 41 ब्रश बरामद …
बरेली,अमृत विचार। श्यामगंज में रामा पंसारी की दुकान पर छापामारी कर वन्यजीवों के अंगों को बरामद करने के बाद मंगलवार शाम वाइल्ड लाइफ इंडिया की एंटी कोचिंग संस्था और वन विभाग की टीम ने सीबीगंज में स्टेशनरी की दुकान पर छापा मारा। यहां दुकान पर वन्यजीव नेवलों के बालों से बनाए गए 41 ब्रश बरामद हुए। वन्यजीव के अंग की तस्करी की बात सामने आने पर टीम ने संचालक धीरेन्द्र कुमार को गिरफ्तार कर लिया।
उसे प्रभागीय वनाधिकारी बरेली भरत लाल के कार्यालय लाया गया। यहां काफी देर तक पूछताछ हुई। आरोपी धीरेंद्र को बगैर जांच पड़ताल के छोड़ने पर वाइल्ड लाइफ टीम के अधिकारी दीपक कुमार ने विरोध शुरू कर दिया। उन्होंने वन विभाग के अधिकारियों पर डील करने का आरोप लगा दिया। इससे मामला और गरमा गया। इस पर डीएफओ ने बरामद ब्रश सील करा दिए। फिलहाल, एक व्यक्ति की जमानत पर मुचलका भरवाकर धीरेंद्र को छोड़ दिया।
वन विभाग की दूसरे दिन कार्रवाई होने पर जड़ी-बूटी बेचने वाले कारोबारियों में खलबली मच गई है। शहर के तीन कारोबारी वन विभाग की रडार पर आ चुके हैं। वाइल्ड लाइफ इंडिया की एंटी कोचिंग संस्था के अधिकारी दीपक कुमार शहर में वन्यजीव और उनके अंगों की तस्करी की पुख्ता सूचना मिलने के बाद सोमवार को दिल्ली से आकर बरेली में डेरा जमाए हैं।
सोमवार की शाम को उन्होंने श्यामगंज में रामा पंसारी की दुकान पर छापा मारा था। यहां से वन्य जीवों के अंगों में 11 सियार सिंगी, गोह के 3 लिंग, हत्था जोड़ी समेत संरक्षित औषधीय पौधे कटकी की 500 ग्राम लकड़ी समेत अन्य चीजें बरामद की थीं। वन्यजीवों के अंगों को बेचने के आरोप में दुकान मालिक नेहरू पार्क कालोनी निवासी श्याम अग्रवाल, विशाल गुप्ता व मुनेश को गिरफ्तार कर लिया था। मंगलवार को तीनों आरोपी सीजेएम यशपाल लोधी की कोर्ट में पेश किए गए। अदालत ने रिमांड मंजूर कर आरोपियों को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।
“स्टेशनरी की दुकान से बरामद सभी ब्रश सील कर दिए हैं। प्रारंभिक तौर पर नेवला के बालों से ब्रश बनने की बात सामने आई थी लेकिन ब्रश किस वन्यजीव के बालों से बनाए गए हैं। यह कहना अभी मुश्किल है। ब्रश की लैब में जांच कराई जाएगी इसके बाद सच सामने आएगा। इसी वजह से संचालक धीरेंद्र गंगवार को मुचलका भरवाकर छोड़ दिया है।” -भरत लाल, प्रभागीय वनाधिकारी बरेली
