पीलीभीत: बातों में किसानों के हित ही बात, पटल पूजन में न नेता न जिम्मेदार.. राज्यमंत्री समेत कई को था आमंत्रण!

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Edited By Amrit Vichar
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पीलीभीत/पूरनपुर,अमृत विचार: गन्ना किसानों की जिंदगी में मिठास भरने वाली क्षेत्र की इकलौती किसान सहकारी चीनी मिल खुद प्रशासनिक अनदेखी का शिकार है। किसानों के विरोध, संगठनों के प्रदर्शन और प्रशासन के दबाव में मंगलवार को चीनी मिल का पटल पूजन तो कर दिया गया लेकिन पेराई कब से शुरू होगी, इस पर संशय बरकरार है। चीनी मिल का मास्टर ट्रायल चल रहा है।

सब कुछ ठीक-ठाक रहा और बॉयलर की मरम्मत कारगर साबित हुई तो दिसंबर के पहले सप्ताह में पेराई शुरू होने की संभावना है। बता दें कि मंगलवार को पटल पूजन में किसान, कर्मचारी और प्रबंधन के सदस्य शामिल हुए। इसमें पूर्व मंत्री डॉ. विनोद तिवारी, नगर पालिका अध्यक्ष शैलेंद्र गुप्ता, गुरभाग सिंह, ऋतुराज पासवान, मुन्ने मियां अंजाना के अलावा अन्य नेता शामिल हुए।

जीएम आरके वर्मा, सीसीओ अजय यादव ने अतिथियों का स्वागत किया। हवन-पूजन के बाद पटल पूजन की रस्म पूरी की गई। सीसीओ अजय यादव ने बताया कि चीनी मिल का मास्टर ट्रायल किया जा रहा है। पेराई सत्र शुरुआत को लेकर बाकी तैयारी पूरी है।

अफसर, जनप्रतिनिधियों का न पहुंचना बना चर्चा: क्षेत्र की इकलौती चीनी मिल किस हालत में है। यह किसी से छिपा नहीं है। मंडल की अमूमन सभी चीनी मिलें चालू हो चुकी हैं, लेकिन सहकारी चीनी मिल में पेराई की शुरुआत की तारीख तक तय नहीं है। इसकी सबसे बड़ी वजह स्थानीय स्तर पर चीनी मिल को लेकर जनप्रतिनिधियों और उच्चाधिकारियों की अनदेखी भी मानी जा रही है।

मंगलवार को पटल-पूजन में भी जिले के उच्चाधिकारी या जन-प्रतिनिधि शामिल नहीं हुए, जो किसान-कर्मचारियों के बीच भी चर्चा का विषय बना रहा। कुछ कर्मचारी भी ये कहने लगे कि जब से उच्चाधिकारियों ने चीनी मिल आना बंद किया है, तब से यहां की व्यवस्था लगातार बिगड़ती चली गई हैं।

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