मुरादाबाद: अगर चेत जाती पुलिस तो शायद बच जाती हरीओम की जान

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मुरादाबाद/मूंढापांडे/अमृत विचार।  मूंढापांडे थाना क्षेत्र में किसान की पीट-पीट कर हत्या करने के मामले में कहीं न कहीं पुलिस की लापरवाही भी सामने आई है। परिजनों के अनुसार अगर खाकी सही समय पर चेत जाती तो हरीओम की जान बचाई जा सकती थी। नाबालिग के साथ छेड़खानी की सूचना पर जब हरीओम अपने भाइयों के …

मुरादाबाद/मूंढापांडे/अमृत विचार।  मूंढापांडे थाना क्षेत्र में किसान की पीट-पीट कर हत्या करने के मामले में कहीं न कहीं पुलिस की लापरवाही भी सामने आई है। परिजनों के अनुसार अगर खाकी सही समय पर चेत जाती तो हरीओम की जान बचाई जा सकती थी। नाबालिग के साथ छेड़खानी की सूचना पर जब हरीओम अपने भाइयों के साथ बंटी के घर शिकायत करने पहुंचा था तो तभी आरोपियों ने उसे जमकर पीटा था।

सूचना पर पुलिस पहुंची लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। मृतक के परिजनों का तो यहां तक कहना है कि पहले दबंगों ने उनको पीटा फिर थाने में पुलिस कर्मियों ने भी उसके साथ मारपीट की। बाद में सभी आरोपियों को मोटी रकम लेकर थाने से छोड़ दिया। परिजनों के अनुसार यही वजह रही कि दबंगों ने मंगलवार की सुबह फिर हमला करते हुए मारपीट कर हरीओम को मौत के घाट उतार दिया।

दरअसल झगड़े की शुरुआत सोमवार को ही हो गई थी। मंगलवार को हरीओम का शव लेकर मूंढापांडे थाने के सामने जब परिजनों ने जाम लगाया तो उनका गुस्सा अपने चरम पर था। सभी इस घटना के पीछे पुलिस को दोषी ठहरा रहे थे। उनका कहना था कि जब नाबालिग के साथ हुई छेड़खानी की सूचना मिलने पर उसका पिता अपने भाई के साथ आरोपी राजवीर व बंटी के घर शिकायत लेकर पहुंचे। उन्होंने शिकायत सुनने की बजाय हरीओम की बेटी पर ही गंभीर आरोप लगाने शुरू कर दिए। हरीओम व उसके भाई जोरावर ने विरोध किया तो लाठी-डंडों से पीटकर घायल कर दिया।

ग्रामीणों ने किसी तरह मामले को शांत कराकर पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस सभी आरोपियों को थाने ले आई लेकिन यहां पर भी पक्षपात किया। परिजनों के अनुसार पुलिस ने आरोपियों की बजाय उल्टा हरीओम और उसके भाई को पीटा। बाद में आरोपियों से मोटी रकम लेकर छोड़ दिया है।

पुलिस से साठगांठ होने के कारण ही आरोपियों की इतनी हिम्मत हो गई कि मंगलवार को फिर उन्होंने एकजुट होकर हमला किया। परिजनों को समझाने जब एसपी सिटी अमित आनंद पहुंचे तो उनको सभी ने खरी-खोटी सुनाई। इस वारदात के पीछे मृतक के परिजन दो टूक मूंढापांडे पुलिस को दोषी ठहरा रहे थे। नतीजा यह हुआ कि एसपी सिटी ने आश्वासन दिया कि वह सीओ से पूरे मामले की जांच कराएंगे, अगर कोई पुलिस कर्मी दोषी मिला तो उसके खिलाफ कार्रवाई करेंगे।

गांव से लेकर थाने तक कोहराम, पुलिस मौन
हरीओम की मौत के बाद गांव से लेकर थाने तक कोहराम मच गया। परिजनों ने पुलिस पर तमाम आरोप लगाए। कहीं न कहीं उनके आरोप सही भी थे, जिस कारण पुलिस कर्मी मौन नजर आए। मारपीट में जब हरीओम घायल हो गया तो तमाम ग्रामीण बचाव के लिए आ गए। घबराए ग्रामीण परिजनों संग हरीओम को जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां पर डाक्टरों ने कुछ देर बाद उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद परिजनों में कोहराम मच गया। सूचना पर पुलिस पहुंची तो गुस्साए परिजनों ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने से इंकार कर दिया। परिजन शव लेकर मूंढापांडे थाने के सामने आ गए।

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