बरेली: यह कैसे सख्ती... अभियान निपटते ही फिर हो गया सड़कों पर अतिक्रमण
बरेली, अमृत विचार। शहर में अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाया गया, मगर नतीजा वही ढाक के तीन पात निकला। शुक्रवार को नगर निगम की ओर से जिला अस्पताल रोड से अतिक्रमण हटाया गया, लेकिन शनिवार को फिर सड़क और फुटपाथ पर पर दुकानें सज गईं। पुलिस ने भी अतिक्रमण करने वालों को रोकने की कोशिश नहीं की।
कोतवाली क्षेत्र में कुतुबखाना पुलिस चौकी के पीछे चाट के ठेले, मुख्य सड़क पर चप्पल और कपड़े की अस्थाई दुकानें फुटपाथ पर सज गईं। पुल के नीचे पूरी तरह फिर से अतिक्रमण हो गया। जबकि एक बार अतिक्रमण हटने के बाद उसकी जिम्मेदारी संबंधित थाना पुलिस की है।
साहू रामस्वरूप डिग्री कॉलेज के पास लोहे के सामान की दुकानों को शुक्रवार को टीम ने हटाया था, लेकिन शनिवार को फिर उसी तरह दुकानें लगा ली गईं। शहामतगंज चौकी के सामने, चौपुला चौराहा, नगर निगम कार्यालय के पीछे और शील चौराहे पर पहले की तरह अतिक्रमण नजर आया।
बोले व्यापारी, कोतवाली पुलिस ने अतिक्रमण करने वालों को नहीं रोका
शुक्रवार को जब नगर निगम के अधिकारी कोतवाली पुलिस के साथ जिला अस्पताल रोड से अतिक्रमण हटवाने पहुंचे थे तो कोतवाली पुलिस से कहा गया कि क्षेत्र में वह अतिक्रमण करने से दुकानदारों को रोके। लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
टीम के जाते ही फिर पुराने जैसे हालात हो गए। इंद्रा मार्केट के लविश, रजत, सुखवीर सिंह, राजवीर का आदि व्यापारियों का आरोप है कि नगर निगम टीम के जाने के बाद पुलिस ने अतिक्रमण करने वालों को रोकने का प्रयास नहीं किया। इसके चलते फड़े और ठेले वाले पूरी तरह से बेलगाम हैं। वहीं मंडलायुक्त और नगर आयुक्त की ओर से पिलर पर चस्पा किए नोटिस के बाद भी इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
नगर निगम के साथ कोतवाली पुलिस का अभियान सिर्फ खानापूरी वाला था। कुतुबखाना पुल के नीचे फड़ और ठेले लगे हैं। पुलिस सख्ती करे तभी कुछ बात बन सकती है।
लविश, व्यापारी
पिछले महीने कई बार अफसरों ने आश्वासन दिया था कि कोई फड़ और ठेला पुल के नीचे नहीं लगने दिया जाएगा। कोतवाली पुलिस ने अभियान के दौरान भी यही बात दोहराई, मगर हालात जस के तस हैं।
-रजत साहू, दुकानदार
तीन बार पहले भी फड़ और ठेले वालों से विवाद हो चुका है। पुलिस कोतवाली से घंटाघर तक लगने वाले फड़ और ठेलों से रोज हजारों रुपये वसूलती है। यही कारण है कि इस रोड पर अतिक्रमण खत्म होता नहीं दिख रहा है।
- सन्नी आनंद, व्यापारी
कोतवाली पुलिस अगर सख्ती से निपटे तो अतिक्रमण खत्म हो सकता है, लेकिन, वह नहीं चाहती है कि अवैध तरीके से लग रहे फड़ और ठेलों की संख्या घटे। इससे उनकी आमदनी पर असर पड़ेगा।
- रजत, व्यापारी
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