रफ्तार में विविधता और बेहतर फील्डिंग की जरूरत थी : भारतीय तेज गेंदबाज श्रेयंका पाटिल

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Edited By Amrit Vichar
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मुंबई। इंग्लैंड के खिलाफ पहले महिला टी20 मैच में 36 रन से मिली हार के बाद युवा तेज गेंदबाज श्रेयंका पाटिल ने कहा कि भारत को गेंदबाजी में रफ्तार में विविधता के साथ बेहतर क्षेत्ररक्षण करना चाहिये था। रेणुका सिंह ठाकुर ने पहले ही ओवर में दो विकेट लिये लेकिन भारतीय टीम इसका फायदा नहीं उठा सकी। इंग्लैंड ने छह विकेट पर 197 रन बना डाले। जवाब में भारतीय टीम छह विकेट पर 159 रन ही बना सकी। 

पाटिल ने पत्रकारों से कहा, हमें गेंदबाजी में रफ्तार में विविधता की जरूरत थी। विकेट गेंदबाजों के अनुकूल नहीं था और बल्लेबाजों को काफी मदद मिल रही थी। डैथ ओवरों में गेंदबाजी आसान नहीं थी। भारत के लिये टी20 क्रिकेट में पदार्पण करने वाली पाटिल ने स्वीकार किया कि भारत को फील्डिंग में सुधार करना होगा। उन्होंने कहा, विकेट बल्लेबाजी के लिये शानदार था लेकिन गेंदबाजी आसान नहीं थी। हमने अच्छा काम किया। हमने इस पर बात की है कि कैसे सुधार हो सकता है। फील्डिंग बेहतर हो सकती थी। हम शानदार वापसी करेंगे। उन्होंने कहा कि पदार्पण के बारे में सोचकर वह रातभर सो नहीं सकी। 

उन्होंने कहा, मैं बहुत खुश थी कि पहली बार भारत के लिये खेलूंगी। रोमांचित होने के साथ नर्वस भी थी । मैं पिछली रात सो ही नहीं सकी लेकिन दो गेंदों के बाद सामान्य हो गई थी। पाटिल ने कहा कि महिला प्रीमियर लीग से उन्हें फ्लड लाइट में सफेद गेंद से खेलने में काफी मदद मिली। उन्होंने कहा, डब्ल्यूपीएल में हैरी दी (हरमनप्रीत कौर), स्मृति मंधाना और जेमिमा रौड्रिग्ज के खिलाफ खेलने से काफी मदद मिली। इससे फ्लड लाइट में और दबाव के क्षणों में गेंदबाजी में भी फायदा हुआ।

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