Kanpur Crime: थप्पड़ का बदला हत्या से लिया… सीने में चाकू मार उतारा था मौत के घाट, चार आरोपी गिरफ्तार
कानपुर में युवक की हत्या करने वाले चार आरोपी गिरफ्तार।
कानपुर में हटिया बर्तन बाजार में चाकू मारकर युवक की हत्या कर दी। पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
कानपुर, अमृत विचार। मूलगंज बर्तन बाजार में शनिवार को युवक के सीने में चाकू मार कर हत्या के मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जिनमें से एक बाल आपचारी है।
डीसीपी पूर्वी ने बताया कि 15 वर्षीय छोटे भाई को थप्पड़ मारने से नाराज बड़े भाई ने साथियों संग हत्या की वारदात को अंजाम दिया था। आरोपी हत्या के इरादे से ही आए थे।
मूलरुप से कानपुर देहात के बरौर निवासी उमाशंकर की शनिवार को चाकू घोंपकर हत्या कर दी गई थी। नाबालिग सहकर्मी ने बड़े भाई सोनू और उसके साथियों संग मिलकर हत्या कराई थी।
डीसीपी पूर्वी ने रविवार को घटना का खुलासा किया। उन्होंने बताया उमाशंकर पिछले पांच वर्ष से हटिया बर्तन बाजार में स्थित पारस मल्होत्रा की न्यू शारदा पूजन भंडार में बतौर सेल्समैन काम करता था। लंबे समय से काम करते रहने से उसने मालिक का विश्वास जीत लिया था।
उमाशंकर ही दुकान का प्रबंधन देखता था। बताया कि 15 दिन पहले शुक्लागंज निवासी किशोर को पारस ने काम पर रखा था, लेकिन वह अक्सर देर से आता-जाता था। जिसको लेकर उमाशंकर उसे डांट देता था। शनिवार सुबह भी किशोर देर से दुकान पहुंचा जिस पर उमाशंकर ने उसे थप्पड़ जड़ दिया।
नाराज किशोर ने कुछ दूर स्थित गयाप्रसाद लेन पर स्थित एसआर ब्रदर्स में काम करने वाले बड़े भाई सोनू सिंह उर्फ रवि को मामले की जानकारी दी। जिसपर रवि आग बबूला हो गया और दुकान पर काम करने वाले दोस्त आशीष और सुमित को साथ लेकर उमाशंकर की दुकान पर गया। वहां बातचीत के दौरान आक्रोशित सोनू ने उमाशंकर के सीने में चाकू से हमला कर दिया, जिससे हैलट अस्पताल में उसकी मौत हो गई।
घटनास्थल पर मौजूद व्यापारियों ने ही सोनू उर्फ रवि, आशीष और सुमित को पकड़कर पुलिस को सौंप दिया था, जबकि नाबालिग मौका देखकर फरार हो गया था। पुलिस ने दबिश देकर उसे भी गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने आरोपियों के पास से आला कत्ल बरामद कर लिया है। रविवार को पुलिस ने हत्यारोपी सोनू उर्फ रवि (19), सुमित (18) और आशीष (38) को जेल भेजा। वहीं नाबालिग आरोपी को बाल सुधार गृह में दाखिल कराया गया।
घर की आर्थिक स्थितियां सुधारने आया था शहर
हत्यारोपी सोनू व उसका नाबालिग भाई मूलरूप से मूलरुप से बांदा के तिंदवारी थानाक्षेत्र के तुलिया गांव का रहने वाला है। हत्यारोपियों के पिता सुभाष सिंह की मौत बचपन में ही हो गई थी। आरोपी के पास बांदा में महज कुछ बीघा ही जमीन है। पिता की मौत के बाद आर्थिक स्थितियां कमजोर होने पर सोनू नौकरी करने के लिए कुछ साल पहले शहर आ गया था और शुक्लागंज आनंद नगर में किराये पर कमरा लेकर रहने लगा। इसके बाद उसने अपने नाबालिग भाई को बुला लिया था।
सोनू के सिर पर खून सवार था
घटना के दौरान उमाशंकर को बचाने में दुकान संचालक पारस और एक कर्मचारी नमन के हाथ में चाकू लग गई। हत्यारोपी से बीच बचाव में पारस का हाथ कटा, वहीं नमन की जांघ के पास घाव हो गया। पारस ने बताया कि घटना के दौरान सोनू के सिर पर खून सवार था, अगर वह लोग बीच बचाव न करते तो सोनू उमाशंकर को चाकूओं से गोद देता।
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