मुरादाबाद : आलू के गिरे दाम, एक रुपये किलो की आवाज लगा मंडी में बेच रहे आढ़ती

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Edited By Amrit Vichar
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परेशानी : फल-सब्जी मंडी में पुराने आलू की भरमार, नये के दाम भी कम हुए,  जानवरों के चारे से भी सस्ता हुआ आलू, गाय-भैंस के लिए खरीद रहे लोग 

मंडी समिति स्थित एक आढ़त में रखीं आलू की बोरियां।

मुरादाबाद, अमृत विचार। किसानों को नये और पुराने आलू से इस बार झटका लगा है। आढ़ती पुराना और छोटा आलू एक रुपये प्रति किलो की आवाज लगाकर बचे रहे हैं। नवीन फल सब्जी मंडी में पुराने आलू की भरमार के बाद आए नये आलू के दाम धड़ाम हो गए हैं। पुराने और नये आलू में 200 रुपये प्रति क्विंटल का फर्क है। 

एक तरफ आलू की फसल से किसानों को लाखों का घाटा उठाना पड़ रहा है, वहीं आलू के वाजिब दाम न मिलने से आढ़तियों के आगे भी बिक्री होने तक संकट बना है। ऐसे में पुराना व छोटा आलू जानवरों के चारे से भी सस्ता पड़ रहा है।  बुधवार को सब्जी मंडी में पुराना व छोटा आलू जानवरों के चारे से सस्ता बिकता मिला। आढ़ती मोहम्मद अली व अकबर तुर्की की आढ़त पर सुबह से एक रुपये प्रति किलो की आवाज लगाकर आलू बेचा जा रहा था। पीतल नगरी निवासी अमन पाल ने 200 कट्टे आलू का सौदा कर लिया। अमन ने बताया कि उसने इतना सस्ता आलू अपनी गाय-भैंसों के लिए खरीदा है। यह आलू जानवरों के चारे से दो गुना सस्ता और फायदेमंद भी है। 

मंडी में पुराना और नंबर वन आलू 1000 रुपये से घटकर 800 रुपये क्विंटल रह गया है। वहीं नये आलू के दाम 1000 रुपये से घटकर 600 रुपये प्रति क्विंटल हो गया है। नया चिप्सोना प्रजाति का आलू 600 रुपये प्रति क्विंटल है। वहीं पुखराज प्रजाति का नया आलू 400 रुपये प्रति क्विंटल है। आलू के गिरे दाम से किसान टूट गया है। इतने सस्ते दाम के बाद किसान का आलू आढ़ती की दुकानों में रखा है। वहां मौजूद किसान ने बताया कि एक सप्ताह में मंडी से आलू की फसल में 80,000 रुपये लागत में से घटे हैं। दूसरी ओर मंडी प्रबंधन ने कम से कम सात रुपये प्रति किलो आलू का दाम निर्धारित कर आढ़ती की कमर तोड़ दी है। 

किसान को फसल आने से पहले लाखों रुपये दे रखे हैं। मंडी ने अचानक आलू की फसल पर 7 रुपये प्रति किलो की दर से टैक्स तय कर दिया । किसान का आलू मंडी के माध्यम से खरीदने पर घाटा  हो रहा है। -मिथुन शर्मा, आढ़ती

सुबह 136 कट्टे आलू लाया था, आधे ही बिके हैं। जिसमें 30,000 रुपये का घाटा हो चुका है। अभी आधे कट्टे बिके भी नहीं हैं। मंडी में नये आलू का दाम केवल 600 रुपये प्रति क्विंटल रह गया है।  -रिफाउलद्दीन, किसान संभल  

मंडी समितियों में मंडी के पोर्टल पर बने राइडर में नियमानुसार निर्धारित दामों से नीचे सिक्स आर नहीं काटा जा सकता है। ताकि किसानों को फसल का सही भाव मिल सके। यदि किसी  विशेष परिस्थितियों में फसल के दाम कम है तो मंडी सचिव मौके पर जाकर उसका निरीक्षण कर अपनी रिपोर्ट में उस फसल का वास्तविक दाम दिखाकर उसे कम कर सकती हैं। जोकि उनका दायित्व है। मुरादाबाद मंडी सचिव मंडी में आलू की फसल को मौके पर निरीक्षण करें अपनी रिपोर्ट भेजे। -अविनाश चंद्र मौर्य, उप निदेशक मंडी, मुरादाबाद

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