सुरक्षा प्रबंधों पर सवाल

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

संसद में बुधवार को हुई सुरक्षा चूक के मामले में सुरक्षा प्रबंधों पर सवाल उठने लाजिमी हैं। क्योंकि यह घटना संसद पर साल 2001 में हुए हमले की बरसी के दिन हुई। ये गंभीर मामला है लेकिन इसकी तुलना 2001 से नहीं की जानी चाहिए। दोनों घटनाओं की तारीख के अलावा और कुछ समान नहीं है। दो लोग संसद में उस जगह तक पहुंच गए जहां सांसद बैठते हैं और इस घटना की वजह से संसद की कार्यवाही को रोकना पड़ा। सुरक्षा में चूक के मामले में आठ सुरक्षाकर्मियों को निलंबित किया गया है।

दिल्ली पुलिस सुरक्षा उल्लंघन के मुख्य साजिशकर्ता को पकड़ने के लिए छापेमारी कर रही है। घटना को लेकर गुरुवार को संसद में हंगामा जारी रहा। संसद के दोनों सदनों से 15 सांसदों को निलंबित कर दिया गया। संसद में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मामले में हस्तक्षेप करते हुए कहा  हम सब दर्शक दीर्घा के पास देते हैं। हमें यह ध्यान देना है कि ऐसे व्यक्ति को पास ना दे जो संदिग्ध औऱ अविश्वसनीय हो।

केंद्रीय गृह मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि सीआरपीएफ महानिदेशक अनीश दयाल सिंह की अध्यक्षता वाली समिति सुरक्षा उल्लंघन के कारणों का पता लगाएगी और साथ ही कमियों की पहचान भी करेगी।  अभी तक इन लोगों की इस हरकत का मकसद साफ नहीं हो सका है। कहा जा रहा है इस घटना के तार कहीं और से भी जुड़े हो सकते हैं। इनसे पूछताछ के बाद ही पूरी तस्वीर साफ हो सकेगी। क्योंकि हाल ही में अमेरिका में छिपे प्रतिबंधित खालिस्तान समर्थित आतंकी संगठन एसएफजे के हैंडलर गुरपतवंत सिंह पन्नू ने वीडियो जारी कर संसद भवन पर हमले की धमकी दी थी।

एक और बात जो सामने आ रही है कि इस घटना को बहुत ही सोच समझकर अंजाम दिया गया है। मुख्य साजिशकर्ता ने मानसून सत्र के दौरान संसद के सभी प्रवेश बिंदुओं की रेकी करने का निर्देश आपने साथियों को दिया था। मामले में अब भी बहुत सी चीजे सामने आनी बाकी हैं। ध्यान रहे किसी सांसद के जरिए ही दर्शक दीर्घा में जाने का पास बन सकता है।

नियमों के तहत एक सांसद ऐसे व्यक्ति के लिए विजिटर पास का आवेदन कर सकता है जिसे वो व्यक्तिगत रूप से जानता हो। पास जारी किया जाता है उसकी इंटेलिजेंस जांच होती है। यह सुरक्षा में चूक जरूर है। महत्वपूर्ण है कि सरकार ने मामले को गंभीरता से लिया है। संसद में इस मुद्दे को लेकर हंगामा करने का कोई औचित्य नहीं है। संसद की सुरक्षा का मुद्दा गंभीर है और इस पर किसी को राजनीति नहीं करनी चाहिए।