सुलतानपुर: धनपतगंज ब्लॉक प्रमुख यशभद्र सिंह की क्षेत्र पंचायत सदस्यता रद्द, अपर मुख्य सचिव ने बर्खास्तगी का दिया आदेश, जानें मामला

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सुलतानपुर, अमृत विचार। अपराधिक वारदात में अदालत से दोष सिद्ध दो वर्ष करावास की सजा से दंडित धनपतगंज के ब्लॉक प्रमुख यशभद्र सिंह मोनू को शासन ने गुरुवार को बर्खास्त कर दिया। अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह ने उनकी क्षेत्र पंचायत सदस्यता रद्द कर प्रमुख पद रिक्त घोषित कर दिया है। आदेश में कहा गया है कि प्रमुख क्षेत्र पंचायत के कर्तव्यों और दायित्वों के निर्वहन के लिए अलग से आदेश जारी किया जाएगा।

धनपतगंज ब्लाक प्रमुख मोनू पर वर्ष 2016 में दलित व्यक्ति के उत्पीड़न और मारपीट का आपराधिक मुकदमा दर्ज हुआ था। अदालत ने साक्ष्यों और तर्को के आधार पर उन्हें दोषी करार दिया, दो वर्ष के कारावास और और दो हजार के अर्थदंड से दंडित किया। शासन ने सजा के बाद उत्तर प्रदेश क्षेत्र पंचायत एवं जिला पंचायत अधिनियम 1961 की धारा-13 के तहत उन्हें क्षेत्र पंचायत सदस्य के पद पर बने रहने के अयोग्य पाया।

आदेश में इसका भी उल्लेख किया गया है कि दो वर्ष के दोष सिद्ध होने पर अन्हर्ता के बावत जो नियम विधानसभा और विधान परिषद के सदस्य पर लगेगा। वहीं प्रमुख और क्षेत्र पंचायत सदस्य पर लगेगा। ऐसे में दोषसित्द्ध सजायाफ्ता व्यक्ति पद धारण करने के अयोग्य माना जाएगा। शासन ने ऐसे मामले में शासन के पूर्व आदेशों का भी हवाला दिया है।

अपर मुख्य सचिव ने अपने आदेश में कहा है कि यशभद्र सिंह मोनू प्रमुख क्षेत्र पंचायत सदस्य धनपतगंज द्वारा गिरोहबंदी कर एससी-एसटी समाज के व्यक्ति को गंभीर चोट पहुंचाने के अपराध से दोष सिद्ध किए गए हैं। उनका यह कृत्य निश्चित तौर पर नैतिक अधमता की श्रेणी में आएगा। ऐसे में पूरे मामले का गहन अध्यन करने के राज्यपाल ने उन्हें पद से हटाने की स्वीकृति दी है।

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