हल्द्वानी: 35 दिन में 3 बार संप्रेक्षण गृह से बाहर ले जाई गई पीड़िता

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Edited By Amrit Vichar
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हल्द्वानी, अमृत विचार। दुष्कर्म के आरोपों से घिरे राजकीय महिला कल्याण एवं पुनर्वास केंद्र की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं। क्योंकि पीड़िता को एक नहीं बल्कि 3-3 बार केंद्र से बाहर ले जाया गया। केंद्र के दस्तावेजों में बाहर ले जाने की चिकित्सकीय वजह बताई गई है। वहीं पुलिस ने 15 साल की पीड़िता को अपनी अभिरक्षा में ले लिया है। साथ ही आरोपियों के साथ पुलिस ने स्टाफ से भी पूछताछ शुरू कर दी है। 

बता दें कि पीड़िता ने पुनर्वास केंद्र की महिला कर्मी दीपा व महिला होमगार्ड गंगा पर आरोप लगाया था कि वो उसे सुशीला तिवारी राजकीय चिकित्सालय ले गए। जहां से उसे एक घर में ले जाया गया। घर में उसके साथ दुष्कर्म और मारपीट की गई। आरोपों के तुरंत बाद कोतवाली पुलिस ने दीपा व गंगा के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया और पीड़िता को अपनी अभिरक्षा में ले लिया।

इधर, पता लगा कि यह पहला मौका नहीं था कि जब पीड़िता को केंद्र से बाहर ले जाया गया हो। पीड़िता बीती 8 नवंबर को केंद्र लाई गई थी। इसके बाद उसे 17 नवंबर, 27 नवंबर और फिर 12 दिसंबर को केंद्र से बाहर ले जाया गया। हर बार उसे चिकित्सक को दिखाने के नाम पर केंद्र से निकाला गया।

अब पुलिस जांच कर रही है कि इन तारीखों में क्या वाकई पीड़िता को चिकित्सक को दिखाया गया या फिर चिकित्सक को दिखाने के बहाने उसे कहीं और ले जाया गया। रास्ते में उसने लाल बत्ती, खाई और पहाड़ भी देखा। वहीं जिला प्रोबेशन अधिकारी वर्षा का कहना है कि इस मामले की जांच जारी है और यदि इस मामले में सत्यता पाई जाती है तो मैं खुद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराउंगी। इधर, शनिवार शाम जिला जज, जिलाधिकारी और किशोर न्याय बोर्ड की न्यायाधीश केंद्र पहुंची। केंद्र में इस वक्त 14 किशोरियां हैं और अधिकारियों ने हर एक से अलग-अलग बात की। 

ऐसे चाहरदिवारी से बाहर निकली कहानी
हल्द्वानी : हुआ ये कि 12 दिसंबर को किशोर न्याय बोर्ड की न्यायाधीश केंद्र में निरीक्षण के लिए पहुंची थीं। जहां उन्होंने पीड़िता को रोते देखा तो पूछताछ शुरू कर दी। पूछताछ में उसने गंभीर आरोप लगाए। जिसके बाद न्यायाधीश ने इस मामले में तत्काल मुकदमा दर्ज कराने के निर्देश दिए। जिसके बाद बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) के सदस्य रविंद्र रौतेला ने कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया। 

मंत्री रेखा आर्या ने दून से भेजी जांच टीम
हल्द्वानी : सुबह अखबारों में खबर प्रकाशित होने के बाद महिला एवं बाल कल्याण मंत्री रेखा आर्या ने मामले का संज्ञान लिया। शनिवार को वह देहरादून में थीं और आनन-फानन में मामले में बैठक बुला कर अधिकारियों की एक जांच टीम गठित कर दी। देर शाम टीम ने हल्द्वानी पहुंच कर मामले की जांच भी शुरू कर दी है। मंत्री ने जांच टीम को कोताही बरतने पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। 

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