Kanpur News: गुरु तेग बहादुर शहीदी दिवस पर आज दो लाख श्रद्धालु छकेंगे लंगर… मोतीझील में भक्ति की बहेगी बयार

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कानपुर में आज दो लाख श्रद्धालु छकेंगे लंगर।

कानपुर के मोतीझील में गुरु तेग बहादुर शहीदी दिवस पर आज दो लाख श्रद्धालु लंगर छकेंगे। गुरु तेग बहादुर शहीदी दिवस पर लंगर सेवा हुई।

कानपुर, अमृत विचार। हिंद की चादर श्री गुरु तेग बहादुर जी के शहीदी दिवस पर रविवार को मोतीझील में भक्ति की बयार बहेगी। गुरुवाणी, शबद व कीर्तन के बीच श्रद्धालुओं के बीच खासतौर पर आस्था व सेवा का संगम दिखेगा। इसके अलावा लाखों भक्त लंगर छककर खुद को निहाल करेंगे।

उधर शहीदी पर्व के दूसरे दिन शनिवार को भी मोतीझील में कीर्तन हुए। कीर्तन के साथ ही लंगर बनाने की तैयारी भी होती रही। इस बार लगभग 2 लाख लोगों के लिए लंगर की तैयारी की जा रही है। सेवा में जुटे श्री गुरुसिंह सभा कानपुर महानगर सहित आम परिवारों से भी श्रद्धालु सेवा देते रहे। मुख्य समारोह स्थल के अलावा शहर के गुरुद्वारों व आम घरों में भी तैयारी होती रही।

शुक्रवार से शुरू हुए तीन दिवसीय शहीदी पर्व के दूसरे दिन भोर से ही दीवान सज गए। पंडाल में शबद, गुरुवाणी व कथा कीर्तन का अमृत प्रवाह चलता रहा। आयोजन में सुबह गुरु नानक संगीत जत्था के भाई कुलदीप सिंह ने नितनेम का पाठ किया। गुरनीत कौर और अमृत कौर ने ‘आसा दी’ वार का कीर्तन किया।

श्री अकाल तख्त साहिब के ज्ञानी अजीत सिंह, भाई बलविन्दर सिंह 'रंगीला' चंडीगढ़ वाले, भाई मेहताब सिंह अमृतसर वाले और भाई कृपा सिंह ने शबद कीर्तन कर संगत को निहाल किया। इसके बाद सुबह के दीवान का अरदास के साथ समापन हुआ। शाम के दीवान में भाई नरिंदरपाल सिंह ने श्री रहिरास साहिब का पाठ किया गया। जसबीर कौर, बलजीत कौर 'मीनू', भाई जसप्रीत सिंह, भाई आतमजीत सिंह और भाई मेहताब सिंह श्री अमृतसर वाले और भाई बलविन्दर सिंह 'रंगीला ने शबद कीर्तन कर संगत को निहाल किया। गुरमत विचार ज्ञानी अजीत सिंह ने प्रस्तुत किए।

लंगर की हुई तैयारी

शहीदी पर्व पर वितरित होने वाले लंगर की तैयारी हुई। इन तैयारियों में गुरु सिंह सभा कानपुर महानगर के सेवादारों के अलावा आम परिवारों के लोग भी जुटे। देर रात तक लंगर बनाने की तैयारियां चलती रहीं। लंगर के लिए सभा की ओर से लाई गई सामग्री के अलावा आम परिवारों से भी सहयोग किया गया। सर्दी के बावजूद उत्साह के साथ वाहे गुरु का सिमरन करते हुए संगत डटी रही। सभा के प्रधान सरदार सिमरनजीत सिंह ने बताया कि लंगर में आटा, दाल, फूल  गोभी,  आलू, चावल और अन्य सब्जी का उपयोग किया जाता है। 

मशीन का उपयोग 

लंगर तैयार करने के लिए इस बार मशीन का भी उपयोग किया गया। यह मशीन खासतौर पर दिल्ली से मंगवाई गई है। इस मशीन की खासियत यह है कि यह मिनटों में रोटियों को बनाकर प्रसादी के लिए तैयार कर देती है।  

घरों से दो रोटी

सभा की ओर से इस बार हर श्रद्धालु से अपने घर से प्रसादी के रूप में दो रोटी लाने का आह्वान किया गया। इस आह्वान के तहत घरों में भी लंगर सेवा होती रही। देर रात तक श्रद्धालु अपने घरों से लंगर प्रसादी लेकर मोतीझील पहुंचते रहे। 

ई-रिक्शा की होगी सुविधा

सभा के चैयरमैन सरदार कुलदीप सिंह ने बताया कि रविवार को मोतीझील में भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक रहेगी। गेट पर ई-रिक्शा उपलब्ध रहेंगे। यह निशुल्क संगत को लंगर स्थल तक ले जाएंगे और वापस गेट तक लाएंगे। लंगर के लिए कोई बैरिकेडिंग नहीं रहेगी और न ही कोई वीआईपी व्यवस्था रहेगी। एक ही संगत और एक ही पंगत में लोग गुरु का अटूट लंगर छकेंगे। श्री गुरु सिंह सभा महानगर के चैयरमैन सरदार कुलदीप सिंह ने कहा कि सिख विचारधारा संकीर्णता से मुक्त है। गुरु साहिब एक ईश्वर और मानवता में विश्वास रखते थे। 

इनका रहा योगदान

लंगर की तैयारी सेवा करने वालों में मुख्य रूप से प्रधान सिमरन जीत सिंह, प्रिंस वासु, तजिंदर पाल सिंह, गुरविंदर सिंह भाटिया, सुखप्रीत सिंह बंटी, मनजीत सिंह चड्डा, सुरेंद्र सिंह रूहानी, जगतार सिंह, गुरमीत सिंह पाहूजा, सिमर सिंह और अमरीक सिंह का प्रमुख योगदान रहा।

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