बरेली: स्वास्थ्य विभाग को नहीं पेंशनर्स की सेहत की फिक्र
वार्षिक पेंशनर दिवस में पेंशनर्स ने सबसे ज्यादा शिकायतें स्वास्थ्य विभाग की कीं, समारोह में करीब 100 पेंशनर्स ने रखीं समस्याएं, एडीएम प्रशासन ने समाधान का दिया आश्वासन
बरेली,अमृत विचार : पेंशनर्स दिवस समारोह में रविवार को कलेक्ट्रेट सभागार में पेंशनर्स ने अपनी-अपनी समस्याएं रखीं। सबसे ज्यादा शिकायतें स्वास्थ्य विभाग से संबंधित रहीं। यहां चिकित्सा प्रतिपूर्ति की फाइल को विभाग लंबे समय तक लटकाए रहता है। समारोह में करीब 100 पेंशनर्स अपनी समस्या लेकर पहुंचे, हालांकि 26 हजार पेंशनर्स हैं। कम संख्या में पेंशनर्स के पहुंचने की वजह प्रचार-प्रसार का अभाव होना बताई गई है।
एडीएम प्रशासन दिनेश की अध्यक्षता में वार्षिक पेंशनर दिवस समारोह का आयोजन किया गया। आंकड़ों के अनुसार जिले में 26 हजार 25 के करीब पेंशनर हैं। माैजूदा समय में 24 हजार नाै को ही पेंशन जारी होती है, बाकी 2016 पेंशनरों को पेंशन नहीं दी जा रही है। इनमें कुछ की मौत होना तो कुछ की किसी और कारणों से पेंशन रुकी है। कार्यक्रम के दौरान पेंशनरों ने एक-एक करके अपनी-अपनी समस्याएं अधिकारियों के सामने रखी।
सबसे ज्यादा दिक्कतें स्वास्थ्य विभाग से पेंशनरों को आ रही हैं। यहां एक ही समस्या के लिए बार-बार दौड़ लगानी पड़ती है, कहने के बाद भी कोई ध्यान नहीं देता है। वेतन निर्धारण की भी समस्या रहती है। इसके अलावा कुछ पेंशनरों ने राजस्व, नलकूप समेत कई अन्य विभागों की शिकायतें की।
कहा कि यहां पर समस्या का समय से समाधान नहीं किया जाता है। दिक्कतों को और लंबा खींचते हैं। एडीएम प्रशासन दिनेश, मुख्य कोषाधिकारी शैलेश कुमार ने पेंशनरों की समस्या के समाधान का आश्वासन दिया है।
आई कार्ड, पेंशनर हाल बनवाने की उठाई मांग: समारोह में पेंशनरों ने कई मांगें भी रखीं। पेंशनरों ने कहा कि उनके लिए कैशलेस चिकित्सा काॅर्ड की व्यवस्था की जाए। आईकार्ड बनाए जाएं और पेंशनरों के बैठने के लिए हॉल बनवाया जाए। मुख्य कोषाधिकारी ने आश्वासन दिया कि प्रस्ताव बनाकर वह शासन को भेज देंगे।
जिन पेंशनरों को समस्या थी वही आए। मौसम भी ठंडा था, इसलिए ज्यादा संख्या में नहीं आ सके। स्वास्थ्य विभाग की शिकायतें ज्यादा रहीं। वेतन निर्धारण की समस्या के मामले अन्य विभागों के भी रहे। - शैलेश कुमार, मुख्य कोषाधिकारी
ये भी पढ़ें - बरेली: नर्सिंग होम के बाहर मिला चार माह का भ्रूण, कुत्तों ने नोचा
