रुद्रपुर: वर्ष 2023 में अर्जुन-कृष्ण गिरोह को दबोच चुकी है एसटीएफ
रुद्रपुर, अमृत विचार। वर्ष 2023 में एसटीएफ द्वारा दो बड़े शिकारी गिरोह का पर्दाफाश कर चुकी है जो बेजुबान वन्य जीवों की हत्या कर उनकी खालों को नेटवर्क के जरिए महंगी बोली के आधार पर बेचती थी। दोनों गिरोह की गिरफ्तारी के दौरान एसटीएफ ने तीन बाघ की खालों को भी बरामद किया था और वर्तमान में सभी आरोपी सलाखों के पीछे हैं।
वाइड लाइफ मुहिम की बात करें तो एसटीएफ ने वर्ष 2023 में बड़ा अभियान चलाते हुए कुमाऊं मंडल में बेहद सक्रिय अर्जुन सिंह और कृष्ण कुमार गैंग को दबोचा है। एसटीएफ की इस कार्रवाई में गैंग का सरगना कृष्ण कुमार निवासी ग्राम बगीचा धारचूला और गोठी कालिका धारचूला निवासी गजेंद्र सिंह,संजय कुमार और हरीश कुमार की गिरफ्तारी 23 जुलाई को हुई थी। आरोपियों के कब्जे से 11फिट की एक बाघ की खाल और 15 किलोग्राम हड्डियां बरामद की थी। हड्डियों के आधार पर अंदाजा लगाया गया था कि हड्डियां दो से अधिक बाघों की हो सकती है।
इसके अलावा एसटीएफ ने दूसरे गिरोह पर प्रहार करते हुए 24 जुलाई को रिस्पना पुल प्रगति विहार नेहरू कॉलोनी देहरादून निवासी शिकारी अर्जुन सिंह और उसके साथी मांगी निवासी हरिद्वार को गिरफ्तार किया था। इनके कब्जे से दो बाघ की खाल व हड्डियां बरामद की गई थी।
दोनों ही गैंग से हुई पूछताछ में जानकारी मिली थी कि सरगना नेटवर्क के जरिए दिल्ली, यूपी, मध्य प्रदेश सहित कई प्रदेशों के खरीदारों से संपर्क करते थे और महंगी बोली के आधार पर बाघ की खाल व हड्डियों का सौदा करते थे। जानकारी के बाद एसटीएफ ने खरीदारी की भी एक सूची तैयार की थी। जिस पर एसटीएफ कभी भी कार्रवाई कर सकती है।
वन्यजीवों का शिकार करने वाले दो गिरोह की गिरफ्तारी के बाद उनके खरीदारी पर भी एसटीएफ की निगाह है, क्योंकि सरगनाओं से मिली जानकारी के बाद वन्यजीवों की खालों को महंगी बोली के आधार पर बेचा जाता था। इसके पीछे कितने लोग शामिल हैं। इसका एसटीएफ सुराग लगा रही है। जल्द ही धरपकड़ की कार्रवाई की जाएगी।
-एमपी सिंह, एसटीएफ प्रभारी
