हरदोई: अपनी ही कार्यवाई में फंस गई बिलग्राम पुलिस, मेडिकल में फेल होने के बाद खड़े हो रहें सवाल

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Edited By Amrit Vichar
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हरदोई। बिलग्राम पुलिस स्टेशन पर बैठ कर जाम टकराने के मामले में अब पुलिस की फजीहत का दौर चल पड़ा है। नशे की हालत में वहां तैनात मुंशी और उसके साथियों के बवाल करने के बाद पुलिस ने मुंशी का मेडिकल कराया और उसके साथियों को शांति भंग के आरोप में पाबंद किया था।

मुंशी और उसके दोनों साथियों का सीएचसी में मेडिकल किया गया, जिसमें मुंशी की मेडिकल रिपोर्ट नॉन अल्कोहल बता रहीं हैं, जबकि उसी के साथियों की मेडिकल रिपोर्ट में अल्कोहल प्लस आया है।  साथ-साथ बैठ कर शराब पीने और साथ-साथ मेडिकल होने, फिर रिपोर्ट में पाज़िटिव और निगेटिव आना लोगों के गले नहीं उतर रहा है।

बताते चलें कि बिलग्राम कोतवाली में तैनात मुंशी और उसके दो साथियों ने एक साथ वहीं सरकारी आवास पर बैठ कर शराब पी,उसके बाद जब नशा चढ़ा तो उनकू बीच न सिर्फ झगड़ा ही हुआ बल्कि काफी बवाल भी काटा गया। इसका पता होते ही वहां पहुंचें एसएचओ ने मुंशी और उसके दोनों साथियों को मेडिकल के लिए सीएचसी बिलग्राम भेजा, साथ उन दोनों को शांति भंग करने में पाबंद करते हुए आला अधिकारियों को मुंशी के गलत आचरण की रिपोर्ट भेजी गई।

मेडिकल की रिपोर्ट सामने आई तो पुलिस की फज़ीहत होने लगी, क्योंकि मुंशी की रिपोर्ट में नॉन अल्कोहल आया जबकि उसके दोनों साथियों की रिपोर्ट में अल्कोहल प्लस पाया गया। चूंकि आला अधिकारियों को जो रिपोर्ट भेजी गई थी, उसमें कहा गया था कि मुंशी नशे में था, लेकिन रिपोर्ट में नॉन अल्कोहल आने से बेचारी बिलग्राम पुलिस चक्कर में पड़ गई।

उसके बाद रिपोर्ट बदलने का दबाव बनाया जाने लगा, लेकिन जब बात नहीं बनी तो मुंशी का ब्लड का सैंपल ले कर उसे जांच के लिए मेडिकल कालेज की पैथालॉजी यूनिट को भेजा गया है। जबकि वही पुलिस मुंशी के दोनों साथियों की सीएचसी वाली मेडिकल रिपोर्ट को मान रही है।लोगों का कहना है कि ऐसे में साबित होता है कि पुलिस को सीएचसी की मेडिकल रिपोर्ट पर भरोसा नहीं है,या फिर कोई खेल खेलने की पिच तैयार की जा रही है।

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