अयोध्या धाम का रेलवे स्टेशन में बन रहा देश का पहला सबसे बड़ा एयर कॉनकोर्स
25 एकड़ के परिसर में 10 हजार स्कवायर मीटर में बना मंदिर मॉडल भवन
अयोध्या, अमृत विचार। राम मंदिर मॉडल के तर्ज पर बने अयोध्या धाम जंक्शन रेलवे स्टेशन के भवन को देखते ही आप निहाल हो जाएंगे। यही नहीं स्टेशन पर देश का सबसे बड़ा एयर कॉनकोर्स बन रहा है। 7200 स्क्वायर मीटर में बन रहे कॉनकोर्स का 30 दिसंबर तक दो हजार स्क्वायर मीटर तक में तैयार कर लिया जाएगा। यह प्लेटफार्म एक से तीन को जोड़ेगा।
इस पर बैठने की ही नहीं बिल्क फूड प्लाजा के अलावा शौचालय की भी व्यवस्था रहेगी। कॉनकोर्स पर जाने के लिए चार लिफ्ट व आठ एस्केलेटर लगेंगे। हालांकि इसे पूरी तरह बनने में अभी समय लगेगा। स्टेशन परिसर का चमचमाता फर्श, लिफ्ट, एस्केलेटर, आधुनिक सुविधाओं से युक्त व पूरी तरह वातानुकूलित भवन देश के बड़े-बड़े एयरपोर्ट की याद दिला देंगे।
अयोध्या धाम रेलवे स्टेशन 25 एकड़ की भूमि में बना है। इसमें 10 हजार स्क्वायर मीटर की भूमि पर नया भवन बनकर तैयार हुआ है। नया भवन जी प्लस टू है। मतलब भवन में ग्राउंड फ्लोर के अलावा फर्स्ट और सेकेंड फ्लोर भी है। परिसर में फूड प्लाजा, क्लॉक रूम, यात्रियों के बैठने की व्यवस्था और स्टेशन मास्टर कक्ष के अलावा रुकने के लिए 214 बेड की डोरमेट्री भी है। नए भवन में तकरीबन 50 हजार यात्री एक बार में आ सकेंगे।
24 स्टाफ क्वॉर्टर और बड़े पार्किंग स्थल का भी इंतजाम किया गया है। परिसर से निकलने वाले गंदे पानी के ट्रीटमेंट के लिए एसटीपी (सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट) भी बनाया गया है। स्टेशन के फर्स्ट फेज का निर्माण लगभग अपने अंतिम चरण में है। लगभग 249 करोड़ की लागत से तैयार हो रहे भवन को अब उद्घाटन का इंतजार है।
120 सीसी कैमरे लगे हैं परिसर में
अयोध्या धाम रेलवे स्टेशन में सुरक्षा की दृष्टि से भी व्यापक इंतजाम किए गए हैं। परिसर में चप्पे-चप्पे पर नजर रखने के लिए 120 सीसी कैमरे लगाए गए हैं। भूतल, मध्य तल व प्रथम तल की फुटेज देखने के लिए एक कंट्रोल रूम भी बनाया गया है।
छह लिफ्ट और चार एस्केलर बढ़ा रहे शोभा
स्टेशन परिसर के भूतल पर पहुंचते ही आपको एक बड़ा हाल दिखाई पड़ेगा, जिसके दायी-और बायीं तरफ लिफ्ट और एस्केलेटर लगाए गए हैं। छह लिफ्ट और चार एस्केलेटर की बदौलत यात्री भूतल से प्रथम व द्वितीय तल पर आ व जा सकेंगे।
दिव्यांगों के लिए शौचालय, शिशुओं की देखभाल को बना कक्ष
अमूमन रेलवे स्टेशन पर यह देखने में आया है कि दिव्यांगों के लिए अलग से शौचालय की व्यवस्था नहीं होती। शिशुओं की देखभाल के लिए भी जगह का अभाव होता है, लेकिन यहां पर दोनों तरह के इंतजाम हैं। शिशुओं की इन्फैंट केयर कक्ष बनाया गया है।
होटल के कमरे की तरह ट्रिपल बेड डोरमेट्री
रेलवे स्टेशन में भूतल का छोड़कर मध्य तल पर यात्रियों के रुकने का इंतजाम है। यहां कुल 214 बेड की डोरमेट्री है। 66 पुरुष व 44 महिलाओं के लिए बेड की व्यवस्था है। इसमें तीन बेड और दो बेड की भी डोरमेट्री है। इसका चार्ज आईईआरटीसी तय करेगी।
बंशी पहाड़पुर के पत्थरों से बने हैं पिरामिड
रेलवे स्टेशन के भवन को राम मंदिर के मॉडल का लुक दिया गया है। बंशी पहाड़पुर के पत्थरों से बाहर एक मुकुट, दो शिखर और छह पिरामिडों से मंदिर की आकृति दी जा रही है। रात में भवन पर लाइटें पड़ते ही जगमगाने लगते हैं।
प्राथमिक उपचार के लिए भी बना है कक्ष
रेलवे स्टेशन पर किसी यात्री के साथ यदि कोई अप्रिय घटना हो जाती है तो उसे तत्काल प्राथमिक उपचार दिया जा सकेगा। इसके लिए दो उपचार कक्ष बनाए गए हैं, जिसमें एक-एक बेड की व्यवस्था की गई है।
जानिए, किस तल पर कौन सी सुविधा रहेगी
भूतल : फूड प्लाजा, वेटिंग हॉल, शौचालय, सीढ़ी, स्वचलित सीढ़ियां, लिफ्ट, पर्यटक सूचना केंद्र, यात्री सुविधाएं, अमानती घर, शिशु देखभाल कक्ष, रोगी का कमरा।
मध्य तल : विश्रामालय, महिला व पुरुष शयनकक्ष (डोरमेट्री), वातानुकूलित विश्रामालय, सीढ़ी, कार्यमुक्त कर्मचारी आवास, स्टेशन मास्टर व कर्मचारी कक्ष।
प्रथम तल : फूड प्लाजा, वेटिंग हाल, शौचालय, पेयजल, स्वचलित सीढ़ियां, लिफ्ट, कर्मचारी कक्ष, दुकानें, प्रतीक्षालय उच्च व द्वितीय श्रेणी का और प्रवेश पैदल पुल रहेगा।
पहले चरण का कार्य अंतिम चरण में है। 30 दिसंबर को उद्घाटन की संभावना है। इसके बाद दूसरे चरण का कार्य शुरू होगा। 422 करोड़ रुपये स्वीकृत हो गए हैं। दूसरे चरण में स्टेशन के दूसरे छोर प्लेटफार्म तीन की तरफ कार्य होगा..., अनिल जौहरी, अधिकारी, राइट्स।
फैक्ट फाइल
सात प्रवेश और सात बाहर जाने के हैं रास्ते
450 अधिकारी व कर्मचारी राइट्स के संयुक्त रूप से जुटे हैं
420 केएलटी का परिसर में ही बना है वाटर टैंक
2019 में शुरू हुआ था नए भवन का निर्माण कार्य
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