मुरादाबाद : आंगनबाड़ी केंद्रों में फर्नीचर का अभाव, ठंड में टाट पट्टी पर ही बैठकर पढ़ने को बच्चे मजबूर
अमृत विचार लाइव : आंगनबाड़ी केंद्रों में 3 से 6 साल की उम्र के लगभग दो लाख बच्चे कर रहे शिक्षा ग्रहण, अधिकांश में नहीं फर्नीचर
पाकबड़ा के ईदगाह मोहल्ला स्थित आंगनबाड़ी केंद्र में टाट पट्टी पर बैठकर पढ़ते बच्चे।
मुरादाबाद, अमृत विचार। ठंड बढ़ने के बावजूद आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चे मजबूरन जमीन पर बिछी टाट पट्टी और दरी पर बैठकर शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। जनपद में 2772 में मात्र 250 आंगनबाड़ी केंद्रों पर नगर निकायों ने फर्नीचर की व्यवस्था कराई है। जबकि काफी संख्या में आंगनबाड़ी केंद्रों में फर्नीचर का अभाव है।
शनिवार को पाकबड़ा के ईदगाह मोहल्ला स्थित आंगनबाड़ी केंद्र के रजिस्टर में 35 बच्चों की उपस्थिति दर्ज थी। जबकि पंजीकृत बच्चों की संख्या 65 है। केंद्र में कार्यकत्री विनीता और शकुंतला बच्चों को पढ़ा रहीं थीं। सभी बच्चे जमीन पर बिछी टाट पट्टी पर बैठकर अपने उज्जवल भविष्य की नींव मजबूत करने के लिए पढ़ाई करते मिले। सर्दी में बच्चों को कार्यकत्री ने कक्ष के बाहर बरामदे में आ रही धूप में टाट पट्टी पर बिठा रखा था।
कार्यकत्री शकुंतला ने बताया कि नगर पंचायत में चेयरमैन से फर्नीचर के लिए कहा, लेकिन उन्होंने ध्यान नहीं दिया। इसके बाद कुछ टाट पट्टी और दरी अपने पैसों से खरीद कर लानी पड़ी। यही हाल मोहल्ला पोस्ट ऑफिस के आंगनबाड़ी केंद्र का मिला। वहां तैनात कार्यकत्री इंतरा ने बताया कि दो साल पहले नगर पंचायत से दरी मिली थी। लेकिन अब उसकी भी हालत खराब हो चली है। बच्चों के लिए दरी को सिलवाई गई है। अब बच्चे उसी पर बैठकर पढ़ते हैं।
भैंसिया गांव के आंगनबाड़ी केंद्र में भी बच्चों के लिए फर्नीचर नहीं है। यहां मौजूद कार्यकत्री नीतू सिंह ने बताया कि ग्राम प्रधान से कई बार फर्नीचर के लिए कहा है, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। हालांकि जिला कार्यक्रम अधिकारी से हर बार सर्दी के मौसम फर्नीचर की व्यवस्था करने के लिए पत्र के माध्यम मांग की है।
वहीं, जिले के 2772 आंगनबाड़ी केंद्रों में 3 से 6 साल की उम्र के लगभग दो लाख बच्चे शिक्षा ग्रहण करते हैं। एक आंगनबाड़ी केंद्र पर फर्नीचर उपलब्ध कराने के लिए 10-12,000 रुपये का खर्च आता है। आंगनबाड़ी केंद्रों के सौंदर्यीकरण की जिम्मेदारी नगर निकायों में ग्राम पंचायत की तय की गई थी। लेकिन 2,522 आंगनबाड़ी केंद्रों में अभी तक फर्नीचर नहीं है। नगर निकायों की ओर से आंगनबाड़ी केंद्रों का सौंदर्यीकरण कराने में कोई दिलचस्पी नहीं ली गई है। जिससे बच्चे जमीन पर टाट पट्टी व दरी पर बैठने को मजबूर हैं।
आंगनबाड़ी केंद्र में फर्नीचर के लिए सरकार की ओर से कोई पैसा नहीं आता है। सर्दी को देखते हुए जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह ने हर ब्लाक से 20-20 बड़े आंगनबाड़ी केंद्रों की सूची मांगी है। केंद्रों के फर्नीचर के लिए निजी संस्थाओं से सहयोग मांगा गया है। जल्द ही 140 आंगनबाड़ी केंद्रों में फर्नीचर की व्यवस्था कराई जाएगी। -प्रीति सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी
