मुरादाबाद : अधूरी रह गई आस...बहुप्रतीक्षित कपूर कंपनी पुल की लड़ाई रही बेनतीजा
मुरादाबाद : अधूरी रह गई आस...बहुप्रतीक्षित कपूर कंपनी पुल की लड़ाई रही बेनतीजा
कपूर कंपनी पुल से गुजरते लोग।
मुरादाबा, अमृत विचार। पांच से छह लाख की आबादी वाले लाइनपार क्षेत्र में कपूर कंपनी क्षेत्र के दूसरे पुल की कवायद अब तक बेनतीजा है। करीब दो साल पहले पुराना पुल बंद कर दिया गया। लोगों की नाराजगी के बाद उसे पैदल लोगों के लिए उसे खोला गया है। राजनीतिक गलियारे से दूसरे पुल के निर्माण का नारा उछाला गया। हाल में छह माह के भीतर पुल निर्माण कराने का दावा किया गया।
मंडल रेल प्रबंधक राजकुमार सिंह का ताजा बयान इस मुद्दे पर किए जा रहे दावे और वायदे का सच बताने के लिए पर्याप्त है। कहते हैं कि तीन बार टेंडर पर कोई कार्यदायी एजेंसी पुल निर्माण को तैयार नहीं हुई है। प्रयास होगा कि इस पुल को जल्दी से बनवाया जाए। लेकिन, इसमें समय अभी समय लगेगा। दो टूक यह कि बहुप्रतीक्षित कपूर कंपनी क्षेत्र में दूसरे पुल की लड़ाई बेनतीजा है। कोरोना काल के बाद लोकोशेड के नए पुल के शुरू होने के बाद से ही कपूर कंपनी पुल के भविष्य को लेकर चर्चाएं शुरू हो गयी थीं।
चौपाल पर यह बात उछाली जाने लगी थी कि प्रबंधन बहुत जल्द कपूर कंपनी पुल को बंद कर देगा। उसके पहले भी साल 2019 में रेल प्रबंधन ने पुराने पुल को मरम्मत के लिए तीन महीने के लिए बंद किया था। तभी से क्षेत्र में दूसरे पुल की मांग होने लगी। बाद में रेलवे की ओर से कमजोर पुलों के सर्वे कराए गए। इसके बाद रेल प्रबंधन ने इसे बंद कर दिया। साल 2022 के विधान सभा चुनाव में यह पुल मुद्दा बना। इसके बाद पुल को पैदल लोगों के लिए खोल दिया गया। उसके बाद से ही दूसरे पुल की चर्चाओं को पंख लगने लगे। रेल प्रबंधन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों का साझी कसरत साल के शुरू में जनवरी माह में दिखी। रेलवे ने मुख्यालय नए पुल का डिजाइन स्वीकृति के लिए भेजा है। इस कार्य में 14 करोड़ रुपये खर्च भी सार्वजनिक किए गए।
अप्रैल माह में महाप्रबंधक आशुतोष गंगल ने यार्ड व साइट की लोकेशन देखी थी। अगले चार-पांच दिनों में नए पुल का ले-आउट तैयार होने की जानकारी दी गयी। श्रमजीवी एक्सप्रेस से पहुंचे जीएम ने कपूर कंपनी पुल का मुआयना किया था। स्टेशन से सीधे पुल पर पहुंचे महाप्रबंधक व अन्य रेल अधिकारियों ने पुल की तैयारी देखी थी। डीआरएम दफ्तर पहुंचे जीएम ने मौजूदा पुल की जगह नए पुल पर जोर दिया। कहा, क्षेत्र की स्थिति पर गौर करने के बाद ही नए पुल का लेआउट प्लान तैयार होगा। तब जीएम के साथ रेलवे के प्रधान मुख्य अभियंता सतीश कुमार पांडेय के अलावा तत्कालीन डीआरएम अजय नंदन ने भी कपूर कंपनी पुल को लेकर चर्चा की थी।
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