बाराबंकी : नहर पुलिया की टूटी सुरक्षा दीवार, बड़े हादसे को दे रही दावत
बनीकोडर/ बाराबंकी, अमृत विचार। शारदा सहायक नहर पर जरौली व सूपामऊ, पूरे चौहान गांव के पास बने नहर पुल में पैरापेट (सुरक्षा दीवार) न होने से बड़े हादसे का खतरा लगातार बना हुआ है। इसके अलावा शंकर गढ़ मोड़ बबुरी गांव,खेवराजपुर, दुर्गापुर, पूरे गनी में पुलिया की पैरापेट दीवारें क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं, जिस पर अधिकारियों का ध्यान नहीं जा रहा है।
विकास खंड बनीकोडर के अंतर्गत तहसील रामसनेहीघाट अंतर्गत गुजरी शारदा सहायक नहर नबाबगंज रजबहा पर बने पुलिया की सुरक्षा दीवार टूट जाने की वजह से कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। घने कोहरे में गुजरने वाले वाहन सुरक्षा दीवार के न होने की वजह से दुर्घटनाग्रस्त हो सकते हैं। शारदा सहायक नबाबगंज रजबहा से जरौली व सुपामऊ को जाने वाले रास्ते में पड़ने वाले गांव सूपामऊ, डीहा, पूरे शुक्लन, इमलिहा, थमरापुर, पूरे भुजई, धारूपुर, मंझगवा, पूरे शिवबक्श, पूरे पहलवान,आदि गांव के हजारों हजार लोगों के आवागमन का माध्यम सूपामऊ पुलिया हैं। तो वहीं जरौली पुलिया से जरौली मिर्चिया समेत आधा दर्जन गांवों के लोग गुजरते हैं। सूपामऊ गांव निवासी प्रभाकर तिवारी, सर्वेश ने सुरक्षा दीवार बनाने के लिए आईजीआरएस के माध्यम से सूबे के मुख्यमंत्री से शिकायत की है। सीडीओ एकता सिंह ने बताया कि जिले भर में नहर की टूटी पुलियों का चिन्हांकन कराकर उन्हें सही कराने के संबंध में विभाग को निर्देशित किया जाएगा।
हो चुकी है बुजुर्ग की मौत
पुलिया की सुरक्षा न होने से हादसों की फेरहिस्त बड़ी लंबी है। हाथ पैर टूटने वालों की संख्या दर्जनों में हैं तो वहीं एक व्यक्ति की मौत भी हो चुकी है। विगत अप्रैल माह में पूरे बढ़ई मजरे बबुरी गांव निवासी देव नारायन पुत्र श्रीदत्त साईकिल समेत शंकरगढ़ मोड़ बबुरी गांव पुलिया पर रेलिंग न होने से नहर में जा गिरे थे। जिससे घातक चोटे आई थी। करीब एक पखवाड़े तक लखनऊ अस्पताल में जिंदगी मौत से संघर्ष करते हुए 25 अप्रैल को मृत्यु हो गई थी।
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