बरेली: सत्ता की ठोकर में उड़ा अविश्वास, बिथरी प्रमुख की कुर्सी बरकरार

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बरेली, अमृत विचार। बिथरी की ब्लॉक प्रमुख सर्वेश कुमारी ने एक दिन पहले अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान के लिए विरोधी गुट के सदस्यों के न आने का जो दावा किया था, वह लगभग सही साबित हुआ। प्रस्ताव पारित करने के लिए कम से कम 75 सदस्यों को उसके समर्थन में मतदान करना था लेकिन विरोधी गुट के सिर्फ पांच सदस्य ही ब्लॉक कार्यालय पहुंचे। 

अविश्वास प्रस्ताव की अगुवाई करने वाले सदस्य बृजेंद्र सिंह और दुर्विजय सिंह भी नदारद रहे। इस कारण अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा कराने तक की नौबत नहीं आई और उसके खारिज होने की सूचना नोटिस बोर्ड पर चस्पा कर दी गई। अविश्वास प्रस्ताव लाने वाले ब्रजेंद्र सिंह और दुर्विजय सिंह के खिलाफ पिछले दिनों महिला सदस्य सुखदेई के अपहरण का केस थाना बिथरी में दर्ज कराया गया था। सुखदेई ने एसएसपी के सामने शपथपत्र देकर इसे फर्जी बता दिया था लेकिन पुलिस ने केस को खारिज नहीं किया। 

माना जा रहा है कि इसी के बाद पासा पलट गया। पुलिस के डर से दोनों नेता भूमिगत हो गए। इसके बाद सत्ता पक्ष ने सबकुछ मैनेज कर लिया। बुधवार सुबह साढ़े दस बजे बिथरी ब्लॉक के सभागार में एसडीएम सदर/पीठासीन अधिकारी रत्निका श्रीवास्तव की अध्यक्षता में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के लिए बैठक में सोमपाल, चंचल पटेल, जमालुद्दीन, मयंक कुमार और छोटे लाल समेत पांच सदस्य ही पहुंचे।

पीठासीन अधिकारी ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि कोरम पूरा करने के लिए दो-तिहाई यानी 75 सदस्याें की जरूरत थी जिसकी पूर्ति न होने के कारण बैठक नहीं हाे सकी और अविश्वास प्रस्ताव पारित नहीं हुआ। बैठक में तहसीलदार सदर रामनयन सिंह, नायब तहसीलदार विदित कुमार, डीपीआरओ धर्मेंद्र कुमार, बीडीओ वीरपाल और एडीओ शिखर गुप्ता मौजूद रहे।

तीन माह से अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा कराने की साजिश पर लगा विराम
तीन महीने पहले ब्लॉक प्रमुख बृजेश कुमारी पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए भाजपा के ही ब्रजेंद्र सिंह ने बगावत का एलान किया था। अक्टूबर में उन्होंने 82 सदस्यों के शपथ पत्र के साथ डीएम से अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान कराने की मांग की थी। आठ नवंबर को इनमें से नौ सदस्य पलटी मार गए और डीएम के सामने पेश होकर ब्रजेंद्र सिंह पर धोखे से शपथ पत्र लेने का आरोप मढ़ दिया।

इस पर डीएम ने अविश्वास प्रस्ताव खारिज कर दिया। ब्रजेंद्र सिंह को पार्टी से निकाल दिया गया। इसके बाद दुर्विजय सिंह ने डीएम के आदेश के खिलाफ रिट दायर की तो इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सात दिसंबर को डीएम के आदेश को खारिज कर दिया। इसके बाद डीएम ने अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा और मतदान कराने का आदेश दिया था।

अविश्वास प्रस्ताव खारिज होने तक ब्लॉक प्रमुख के कार्यालय पर जमे रहे सांसद-विधायक
अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के लिए निर्धारित समय से लेकर पीठासीन अधिकारी की ओर से उसके खारिज होने का नोटिस चस्पा कराने तक वरिष्ठ भाजपा नेता ब्लॉक प्रमुख बृजेश कुमारी के कार्यालय पर जमे रहे।

इनमें सांसद संतोष गंगवार, सांसद धर्मेंद्र कश्यप, बिथरी विधायक राघवेंद्र शर्मा, एमएलसी महाराज सिंह, ब्लॉक प्रमुख भोजीपुरा योगेश पटेल, पूर्व जिलाध्यक्ष पूरन लाल लोधी, अतुल कपूर शामिल थे। अविश्वास प्रस्ताव के खारिज होने के बाद उन्होंने कार्यालय पर ही जश्न मनाया और ब्लॉक प्रमुख के पति हरेंद्र पटेल को बधाई दी। सांसद धर्मेंद्र कश्यप के मीडिया प्रभारी राहुल कश्यप ने कहा कि सांसद की सूझबूझ से तमाम रूठे सदस्य दोबारा ब्लॉक प्रमुख ब्रजेश कुमारी के समर्थन में आ गए।

सत्य की जीत हुई। यह साबित हो गया कि विपक्ष की ओर से लगाया गया भ्रष्टाचार का आरोप गलत था। यह मेरी नहीं, सभी सदस्यों और बिथरी की जनता की जीत है। मैं ब्लॉक की प्रगति के लिए प्रयासरत रहूंगी - बृजेश कुमारी, ब्लाक प्रमुख बिथरी चैनपुर

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