बरेली: किशोरियों में बढ़ रहा यूरिन इंफेक्शन, जानिए इसकी वजह और बचाव के उपाय

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बरेली, अमृत विचार। वजाइना इंफेक्शन जैसे वजाइना से सफेद रंग का गाढ़ा- बदबूदार डिस्चार्ज, खुजली जलन और प्रभावित हिस्से पर लाल रंग के रैशेज यीस्ट इंफेक्शन के मामले अधिक देखने को मिल रहे हैं। ऐसे ही कई मामले जिला महिला अस्पताल के कमरा नम्बर 23 में पहुंच रहे हैं। जहां रोजाना 25 से अधिक किशोरियां इस समस्या से छुटकारा पाने के लिए आती हैं। 

मगर अब भी कुछ ऐसी किशोरियां हैं, जो शर्म के कारण अपनी समस्या को बाहार नहीं लाने देती जिसके कारण उनको और भी ज्यादा इस समस्या से जूझना पड़ता है। जिला महिला अस्पताल की एडोलसेंट काउंसलर अल्पना सक्सेना ने बताया कि किशोरियों में इस तरह की समस्या का होना आज कल आम हो गया है। इस तरह की समस्या से छुटकारा पाना आसान तो है मगर किशोरियों में जगरुगता की कमी के कारण ये समस्या और बढ़ जाती है। वजाइना इंफेक्शन साफ- सफाई न होने व खाने- पीने पर ध्यान नहीं देने से इस तरह की परेशानी का सामना करना पड़ जाता है।

वजह 
आमतौर पर इस फंगस से किशोरियों के शरीर को कोई नुकसान नहीं होता। शरीर का इम्यून सिस्टम इनकी संख्या को नियंत्रित रखता है लेकिन कई बार एंटीबायोटिक्स के सेवन से हानिकारक के साथ शरीर के लिए आवश्यक बैक्टीरिया भी तेज़ी से नष्ट होने लगता है, जिससे कैंडिडा एल्बीकैंस नामक फंगस को फैलने का पूरा मौका मिल जाता है, नतीजतन किशोरियों के शरीर में यीस्ट इंफेक्शन के लक्षण दिखाई देने लगते हैं। पीरियड्स के दौरान पर्सनल हाइजीन का ध्यान न रखने पर भी ऐसी समस्या हो सकती है।

बचाव 
पर्सनल हाइजीन व सही खानपान से वजाइना इंफेक्शन से बचाव किया जा सकता है। पर्सनल हाइजीन में अगर बात करें तो अलग- अलग शौचालयों के इस्तेमाल से बचने की जरूरत है साथ ही तनाव को भी दूर रखना चाहिए। इसके अलावा खाना खाते समय फोन का इस्तेमाल से बचें। इन सारी चीजों से वजाइना इंफेक्शन से बचाव किया जा सकता है।

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