2 हजार रोडवेज बसों के शीशे व वाइपर खराब,जाने कोहरें में क्यो नहीं सुरक्षित है रोडवेज साधारण बसों का सफर

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Edited By Amrit Vichar
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जाड़े में रोडवेज की साधारण बसों में ठिठुरने को मजबूर हैं यात्री

लखनऊ अमृत विचार । यूपीएसआरटीसी रोडवेज बसों से सफर करने वाले यात्री बसों में वाइपर और खिड़कियां देखकर ही बस से सफर करे । सुरक्षित, सुगम, सुविधा जनक यात्रा करनी है तो यात्रियों को यह सावधानी बरतनी पड़ेगी । अगर आप बस के शीशे,खिड़कियां को बिना देखे सवार होते हैं तो आप को भीषण ठंड में ठिठुरने के साथ जान जोखिम में डालकर यात्रा करनी पड़ सकती है।
 वर्तमान समय में शीतलहर,कोहरे के दौरान यूपी रोडवेज की 2 हजार से अधिक साधारण बसों में बाइपर गायब होने के साथ खिड़कियां और शीशे टूटे पड़े हैं। हाल यह है कि यात्रियों को जाड़े के दौरान कपकपी हाड़ कपाऊ ठंड में उन्हे काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
रोडवेज बसों से यात्रा करने वाले यात्रियों का आरोप है कि परिवहन निगम की बसों की हालत नहीं सुधर रही है। जाड़े,कोहरे में भी बसें बिना वाइपर,बिना शीशा टूटी खिड़कियां के रोड पर दौड़ रही हैं। ऐसे में यात्रियों को मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। इससे हादसे का डर बना रहता है।
लंबी दूरी के मार्ग पर बस संचालन सें हमेशा दुर्घटना की संभावना बनी रहती है। बसों में वाइपर इस लिए लगाए जाते हैं। ताकि वह शीशे पर लगने वाले पानी को हटाते रहे हैं, जिससे चालक को सामने साफ दिखाई दे और वाहन चलने में आसानी हो। इसके बावजूद रोडवेज की अधिकांश बसों में वाइपर नहीं है। यह बसें रोड पर दौड़ भी रही हैं। ऐसे में यदि कोई हादसा हो जाता है तो इसका जिम्मेदार कौन होगा।
रात के समय बस चलाना चालकों के लिए कठिन होता है। सामने से आने वाले वाहन यदि लाइट को लो बीम (लाइट को नीचे रखना) पर रख न चलाए तो आगे कुछ नजर नहीं आता है। इससे बहुत समस्या होती है। वहीं, ऐसे में यदि कोहरा पड़ रहा है तब तो आगे बिल्कुल ही दिखना बंद हो जाता है। ऐसे में कई बार चालक बस को रोक कर ही खड़ा कर लेते हैं।
क्या कहना है रोडवेज एमडी का ---
रोडवेज की सभी साधारण बसों की जांच करने के निर्देश दिये गये हैं। वाइपर,रिफलेक्टर,शीशा को दुरुस्त करने के लिए बीते माह ही सही कर ही बसों को रोड पर संचालन के लिए कहा गया था अगर लापरवाही हुई तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही की जायेगी । : मासूम अली सरवर,एमडी,यूपीएसआरटीसी ।
 
 

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