बरेली: रजिस्ट्रियों में फर्जीवाड़ा रोकने के लिए अब आधार का होगा सत्यापन
DEMO IMAGE
बरेली, अमृत विचार: जमीनों के बैनामे में फर्जीवाड़े को रोकने की दिशा में सरकार व्यवस्था में बदलाव करने जा रही है। उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले कुछ समय में जिले में यह व्यवस्था लागू हो जाएगी। इसके बाद क्रेता-विक्रेता के आधा कार्ड और फिंगर प्रिंट से मिलाने के बाद ही बैनामे हाे सकेंगे। अगर मिलान के दौरान कोई गड़बड़ी पाई गई तो रजिस्ट्री नहीं हो सकेगी।
जिले की छह तहसीलों में सात निबंधन कार्यालय हैं। औसतन प्रतिदिन 200 से 250 बैनामे होते हैं। कई बार फर्जी बैनामे होने के मामले भी सामने आ चुके हैं, जिसकी वजह से समस्याएं बढ़ जाती हैं। इस तरह के मामलों पर अंकुश लगाने के लिए सरकार रजिस्ट्री की व्यवस्था में आधार सत्यापन जरूरी कर रही है।
लखनऊ में कैबिनेट की पूर्व में हुई बैठक में यह प्रस्ताव मंजूर हो चुका है, मगर अभी धरातल पर व्यवस्था लागू नहीं हो सकी है, लेकिन जानकारों के अनुसार, आने वाले कुछ समय में आधार प्रमाणीकरण की व्यवस्था अनिवार्य हो जाएगी। इसके तहत अगर कोई भी क्रेता-विक्रेता जमीन का बैनामा कराता है तो उसके फिंगर प्रिंट का मिलान दोनों के आधार कार्ड के डाटा में अपलोड अंगुलियों के निशान से किया जाएगा।
संबंधित व्यक्ति के आधार को लिंक करते ही उसकी पूरी जानकारी फोटो के सामने आ जाएगी। अगर कोई खेल होगा तो पकड़ में आ जाएगा। अभी रजिस्ट्री में पहचान पत्र के तौर पर वोटर आईडी, बैंक पासबुक आदि प्रयोग हो रहा है।
अभी आधार डाटा के बिना मिलान से होते हैं बैनामे
मौजूदा समय में रजिस्ट्री कराते समय अंगूठे के निशान लिए जाते हैं, लेकिन संबंधित व्यक्ति का आधार डाटा से मिलान नहीं किया जाता है, इससे फर्जीवाड़े होने की संभावना बनी रहती है, मगर व्यवस्था में बदलाव के बाद भू- खंड का जीओ टैगिंग फोटो देने से चौहद्दी लिखने में मनमानी नहीं होगी।
आधार प्रमाणीकरण के लिए काम चल रहा है। इसके लिए रजिस्ट्रार कार्यालयों में रजिस्ट्री का सॉफ्टवेयर डिजिटल रूप से लिंकअप किया जाएगा। उसके ट्रॉयल के बाद बायोमेट्रिक मशीन लगाकर व्यवस्था लागू कर दी जाएगी---तेज सिंह यादव, एआईजी स्टांप।
यह भी पढ़ें- बरेली: 'हम लोग अस्पताल को चमकाएं और मानदेय के लिए रोएं भी', कर्मचारियों ने सीएमएस से बयां किया दर्द
