बरेली: देहरादून नहीं, अब आईवीआरआई में होगी रामा पंसारी मामले में जांच
बरेली, अमृत विचार। रामा पंसारी की दुकान से बरामद हुए वन्यजीवों के अंग और सीबीगंज से पकड़े गए वन्यजीवों के बालों से बने ब्रश मामले में एक नया मोड़ आया है। दोनों मामलों की लैब जांच अब देहरादून में नहीं होगी। दोनों सैंपल बरेली में भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान (आईवीआरआई) में भेजे जाएंगे। 21 सितंबर …
बरेली, अमृत विचार। रामा पंसारी की दुकान से बरामद हुए वन्यजीवों के अंग और सीबीगंज से पकड़े गए वन्यजीवों के बालों से बने ब्रश मामले में एक नया मोड़ आया है। दोनों मामलों की लैब जांच अब देहरादून में नहीं होगी। दोनों सैंपल बरेली में भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान (आईवीआरआई) में भेजे जाएंगे।
21 सितंबर को रामा पंसारी के यहां वन विभाग की छापेमारी में पकड़े गए वन्यजीवों के अंगों के मामले में रोजाना कोई न कोई नई बात सामने आ रही है। वन विभाग की टीम ने रामा पंसारी दुकान के मालिक श्याम अग्रवाल को कोर्ट में पेश कर वन्यजीवों के अंगों की तस्करी करने के मामले में जेल भिजवाया था।
इसके बाद श्याम अग्रवाल की पत्नी अंशु अग्रवाल ने वन विभाग के अधिकारियों को पत्र लिखकर अंगों के नकली होने की बात कही थी। साथ ही लैब से जांच कराने को कहा था। पत्र मिलने के बाद ही पूरा मामला उलट गया। जो अधिकारी दावे के साथ अंगों को असली कहने की बात कर रहे थे। अब वही अधिकारी पकड़े गए अंगों की पुष्टि करने में हाथ खड़े कर रहे हैं।
रामा पंसारी की दुकान पर छापेमारी के बाद जब सीबीगंज में वन्यजीवों के बालों से बने ब्रशों को पकड़ा गया तो अधिकारियों ने उसकी लैब से जांच कराने की बात कही थी। जब वाइल्ड लाइफ इंडिया की एंटी पोचिंग टीम के दीपक कुमार ने पूछा कि रामा पंसारी के यहां से बरामद अंगों की लैब जांच क्यों नहीं कराई।
इस पर अधिकारियों का जबाव था कि वह वन्य जीवों के बरामद अंग असली प्रतीत हो रहे हैं इसलिए उनकी जांच की जरूरत नहीं थी। ब्रश में उन्हें शक है इसलिए जांच कराई जा रही है। ऐसे में एक सवाल यह खड़ा होता है कि वन्यजीवों के अंग असली है यह बगैर जांच के ही कैसे दावा किया जा सकता है।
पहले बोले सैम्पल देहरादून भेजेंगे अब आईवीआरआई भेजने की बात
प्रतिबंधित वन्यजीवों के अंगों के मामले में अभी तक स्थिति स्पष्ट नहीं हो पा रही है। सीबीगंज से पकड़े गए वन्यजीवों के बालों से बने ब्रश को देहरादून की वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट में भेजकर जांच की बात कही गई थी। मगर अब अधिकारियों ने उसे वहां भेजने से इनकार कर दिया है। उनका कहना है कि अब ब्रशों और रामा पंसारी की दुकान से मिले वन्यजीवों के अंगों की जांच आईवीआरआई में ही कराई जाएगी।
“श्याम अग्रवाल की पत्नी का पत्र मिला, उसमें जांच की बात कही गई है। बरामद अंगों की जांच कराई जाएगी। वन्यजीवों के अंगों और ब्रशों को देहरादून न भेजकर उनकी आईवीआरआई में ही जांच कराई जाएगी।”— आरबी सिंह, एसडीओ (जांच अधिकारी)।
