प्रतापगढ़ : आवास के लिए साहब की चौखट पर चार दिन से परिवार, मौन हैं जिम्मेदार

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Edited By Amrit Vichar
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नगर पंचायत मानधाता की आवास सूची में दो बार रहा लाभार्थी का नाम,तीसरी सूची में गायब

प्रतापगढ़, अमृत विचार। सरकार द्वारा जरूरतमंदों को लाभान्वित करने के लिए भले ही अनेक योजनाएं लागू कर दी जाएं। यदि उन योजनाओं का क्रियान्वयन करने वाले ही बेपरवाह हो जाये तो योजनाएं जरूरतमंदों के लिए बेकार हैं। कुछ ऐसा ही हाल नवसृजित नगर पंचायत मानधाता का है। जहां शहरी आवास सूची में दो बार नाम होने के बावजूद तीसरी सूची में लाभार्थी का नाम गायब है। परिवार खुले आसमान के नीचे जीवन यापन कर रहा है। अब न्याय के लिए चार दिन से अनिश्चित कालीन धरना शुरू किया है।

प्रधानमंत्री शहरी आवास वितरण सूची प्रथम और द्वितीय में नाम होने के बावजूद तीसरी सूची में नाम गायब होने पर नगर पंचायत क्षेत्र के लिलौली निवासिनी रेनू सिंह पत्नी रिंकू सिंह बुधवार से परिवार समेत धरने पर बैठ गई। उन्होंने बताया कि जनवरी 2022 में उनका कच्चा मकान भरभरा कर गिर गया था। उस समय प्राकृतिक आपदा कोष से तहसील प्रशासन द्वारा 3200 रुपए की आर्थिक सहायता भी मिली थी। उसके बाद शहरी आवास के लिए आवेदन किया था। आवास की पहली सूची में 2357  पात्रों का नाम था। जिसमें मेरा नाम (रेनू सिंह) आठवें नंबर पर था। उसके बाद फिर जांच पड़ताल की गई और दूसरी सूची  342 पात्रों की बनाई गई उसमें नाम दूसरे नंबर पर आ गया। इसके बाद जब आवास वितरण की अंतिम सूची आई तो मेरा नाम गायब था।।आवास के लिए जिलाधिकारी,अधिशासी अधिकारी और लेखपाल के यहां चक्कर लगाया। कहीं भी सुनवाई नहीं हुई। निराश होकर अनिश्चित कालीन धरना शुरू किया है। आरोप लगाया कि धोखाधड़ी करके उनका नाम आवास सूची से हटाया गया। पात्रता चयन में धांधली करने वालों की जांच कर कार्रवाई की जाय और आवास सूची में नाम शामिल किया जाय। वहीं इस सम्बन्ध में जब अधिशासी अधिकारी राबिन सिंह से बात की गई तो उन्होंने कहा कि आवास की सूची हमारे कार्यालय से नहीं बनी है। इस विषय में मुझे कोई जानकारी नहीं है। खास बात यह है कि चार दिन से इस भीषण ठंड में एक परिवार धरने पर है। इस बात से जिम्मेदार बेखबर हैं। प्रदर्शन को लेकर कोई अनहोनी होगी तो जिम्मेदार होगा।

विभाग के सर्वेयर पर भी सवाल
जिला नगरीय अभिकरण विभाग ( डूडा) का सर्वेयर प्रतिदिन नगर पंचायत क्षेत्र में जाता है। वह आवास की जियो टैगिंग करता है। आवास की हकीकत से प्रतिदिन विभाग को अवगत कराता है। सवाल यह भी है कि सर्वेयर ने भी विभाग को हकीकत नहीं बताई है।

वर्जन -
नगर पंचायत कार्यालय पर धरना प्रदर्शन की बात मेरे संज्ञान में नहीं है। आवास सूची की जांच कराई जाएगी। सूची में नाम शामिल होने के बावजूद आवास क्यों नहीं दिया गया जांच कराई जाएगी।
जितेंद्र पाल, परियोजना अधिकारी,जिला नगरीय अभिकरण

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