बरेली: अब नए साल पर ग्रीटिंग कार्ड का नहीं दौर, सोशल साइट्स के माध्यम से ही लोग देते हैं शुभकामनाएं

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

बरेली, अमृत विचार। नए साल पर ग्रीटिंग कार्ड का चलन लगभग बंद ही हो गया है। अब मोबाइल पर लोग मेसेज, व्हाट्सएप, फेसबुक, इंस्टाग्राम या अन्य सोशल साइट्स के माध्यम से शुभकामनाएं दे रहे हैं। अब डिजिटल ग्रीटिंग भेजे जा रहे हैं।

शहर में कार्ड देने का दौर साल 1971 के आसपास शुरू हुआ, जो अब लगभग न के बराबर रह गया है। शहर में पहले सिंडिकेट स्टेशनरी शॉप, लंदन बुक डिपो, आर्चीज, हालमार्क जैसी बड़ी-बड़ी दुकानों में नए साल पर ग्रीटिंग कार्ड की खूब खरीदारी हुआ करती थी। लोग एक-दूसरे को कार्ड देते थे या फिर डाक से भी भेजते थे। इस समय लोग उपहार और फूलों के गुलदस्ते देते हैं लेकिन कार्ड में लोगों की रुचि अब न के ही बराबर है।

क्या कहते हैं दुकानदार-
कोरोना के बाद से हर चीज पर असर पड़ा है। अब नए साल के दिन लगभग 20 कार्ड ही बिकते हैं। अब सामान्य लोग कार्ड नहीं देते हैं। -उमेश नेगी,दुकानदार

आज कल बहुत कम लोग कार्ड देते हैं। शहर में बस एक-दो गिनी चुनी ग्रीटिंग कार्ड की दुकानें रह गई हैं। अब लोग व्हाट्सएप या सोशल मीडिया पर ही नए साल की बधाई दे देते हैं।-श्रवण कुमार, दुकानदार

क्या कहते हैं लोग-
जब दस साल की थी तब नए साल पर ग्रीटिंग कार्ड दिया करती थी पर अब कार्ड नहीं देती। मिलना नहीं हो पाता लोगों से तो फोन पर ही शुभकामनाएं दे देते हैं। - आंचल, छात्रा

जब से ऑनलाइन का चलन हो गया है तब से फोन पर ही नए साल की मुबारकबाद दे देते हैं। जब स्कूल में पढ़ते थे, तब कार्ड दिया करते थे।- सचिन सिंह, छात्र

ये भी पढे़ं- बरेली: कातिल पकड़ना तो दूर, 10 दिन में युवती की नहीं कर सके पहचान

 

संबंधित समाचार